Big-responsibility-given-by-BJP--this-leader-who-is-beaten-by-the-police-in-gwalior

ग्वालियर।  कहावत है कि सब्र का फल मीठा होता है लेकिन ग्वालियर में कहावत इस समय थोड़ी बदली  हुई दिखाई दी है।  यहाँ इसे “संघर्ष का फल मीठा होता है” कहा जाए तो ज्यादा सटीक होगा।  पिछले दिनों भारतीय जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गया था जिसकी पुलिस ने जमकर पिटाई की थी, उसे दौड़ा दौड़ा कर मारा था, उसके शरीर में कई जगह चोट भी आई।  पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व ने उसके इस संघर्ष को देखते हुए भाजपा किसान मोर्चा का जिला अध्यक्ष बनाया है। 

भारतीय जनता पार्टी ग्वालियर ग्रामीण के नेता जसवंत सिंह गुर्जर पिछले लम्बे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। तिघरा और घाटीगांव क्षेत्र में गुर्जर समाज की अगुआई करने वाले जसवंत सिंह गुर्जर को भाजपा किसान मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष रणवीर सिंह रावत ने जिला अध्यक्ष नियुक्त किया है। गौरतलब है कि जसवंत सिंह बहुत समय से इस पद को पाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन पिछली बार पार्टी ने उनकी जगह वीरेंद्र पचौरा को जिला अध्यक्ष बना दिया था।  लेकिन विधानसभा चुनावों के दौरान वीरेंद्र पचौरा भाजपा को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे तभी से ये पद खाली पड़ा था।   गौरतलब है कि पांच मार्च को ग्वालियर में एक हजार बिस्तर वाले अस्पताल का सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा फिर से भूमिपूजन कराये जाने का भाजपा ने सांसद अनूप मिश्रा के नेतृत्व में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया था।  प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं  लाठीचार्ज किया था।  पुलिस जब दो कार्यकर्ताओं को बेरहमी पीट रही थी तब जसवंत सिंह पुलिस से भिड़ गए उन्होंने आरआई सहित अन्य पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट कर दी जिसके बाद पुलिस ने उन्हें दौड़ा दौड़ा  मारा,  पुलिस ने बंदूक की बट से भी उन्हें मारा जिसके चलते जसवंत के कंधे, सीने में चोट आई थी उन्हें जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था।  घटना के बाद केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी उनका हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे थे। पार्टी कार्यकर्ताओं के मुताबिक वरिष्ठ नेतृत्व को जब पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल खाली पड़े किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष के पद पर बैठा दिया। पूरे घटनाक्रम के बाद आरआई की शिकायत पर जसवंत सिंह गुर्जर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।