ग्वालियर नगर निगम में BJP सभापति बनाने में कामयाब, Congress को 1 वोट से दी शिकस्त

भाजपा प्रत्याशी मनोज तोमर को 34 वोट मिले जबकि कांग्रेस की प्रत्याशी लक्ष्मी सुरेश गुर्जर को 33 वोट मिले और वो मात्र एक वोट से सभापति का चुनाव हार गई। 

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। भारी उठापठक, केंद्रीय मंत्रियों के दखल और जोड़ तोड़ के बाद BJP ने आखिरकार ग्वालियर नगर निगम में अपनी पार्टी का सभापति बनाने में सफलता हासिल (Gwalior Municipal Corporation Chairman Election) कर ली। 57 साल बाद महापौर की सीट गंवाने वाली भाजपा किसी भी तरह से सभापति की कुर्सी गंवाना नहीं चाहती थी इसके लिए उसने ग्वालियर से लेकर दिल्ली तक एड़ी चोटी का जोर लगाया और  अंत में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर समर्थक मनोज तोमर को नगर निगम सभापति बनाने में कामयाब हो गई।

ग्वालियर नगर निगम में BJP सभापति बनाने में कामयाब, Congress को 1 वोट से दी शिकस्त

भाजपा प्रत्याशी मनोज तोमर को 34 वोट मिले जबकि कांग्रेस (Congress) की प्रत्याशी लक्ष्मी सुरेश गुर्जर को 33 वोट मिले और वो मात्र एक वोट से सभापति का चुनाव हार गई। कलेक्टर एवं पीठासीन अधिकारी कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने सभापति पद पर मनोज तोमर को विजयी घोषित किया। गौरतलब है कि मनोज तोमर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर समर्थक हैं, सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने भी उन्हें अपना समर्थन दिया फिर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी मनोज तोमर के नाम पर अपनी सहमति दे दी थी।

ग्वालियर नगर निगम में BJP सभापति बनाने में कामयाब, Congress को 1 वोट से दी शिकस्तग्वालियर नगर निगम में BJP सभापति बनाने में कामयाब, Congress को 1 वोट से दी शिकस्त

आपको बता दें कि सभापति की कुर्सी पाने के लिए क्रॉस वोटिंग के डर से नूराकुश्ती में लगे भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों के पार्षद पर्यटन बाड़ाबंदी के बीच देर रात ग्वालियर लौट आये, भाजपा के पार्षदों को रात को होटल आदित्याज में ठहराया गया। भाजपा ने जिला अध्यक्ष कमल माखीजानी के नेतृत्व में जहाँ अपने पार्षदों को सुरक्षित रखने के लिए हरियाणा के रेवाड़ी के हंस रिसोर्ट का आनंद करवाया  और दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिया, सांसद विवेक शेजवलकर से मुलाकात करवाई, प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट भी उनके साथ ही रहे।

ये भी पढ़ें – मध्यप्रदेश : कांग्रेस तैयार कर रही है भ्रष्ट अफसरों की कुंडली, होगी सार्वजनिक- जीतू पटवारी

उधर भाजपा की राह पर कांग्रेस भी चली, विधायक डॉ सतीश सिंह सिकरवार, जिला अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा और वरिष्ठ नेता अशोक सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस के पार्षदों ने ओरछा का पर्यटन किया और देर रात ग्वालियर लौटकर अशोक सिंह के होटल सेन्ट्रल पार्क में रात बिताई।

ये भी पढ़ें – Indore : आज लेंगे महापौर और पार्षद शपथ, समारोह के लिए सजा अभय प्रशाल

कुल मिलाकर महापौर सीट पर कांग्रेस के हाथों 57 साल बाद करारी शिकस्त झेलने वाली भाजपा ने नगर निगम में अपना सभापति बनाकर थोड़ी साख जरूर बचा ली है। अब देखना ये होगा कि कांग्रेस की महापौर की एमआईसी द्वारा शहर विकास से जुड़े कितने प्रस्तावों को परिषद् में बहुमत मिलता है कितने वापस होते हैं।

ये भी पढ़ें – Gold Silver Rate : चांदी में भारी तेजी, सोना भी महंगा, यहां देखें ताजा भाव