ग्वालियर । विधानसभा चुनावों में भाजपा और कांग्रेस के लिए चुनावी मुद्दा रहे किसान आज भी सियासत का बड़ा मुद्दा है। आज दोनों ही पार्टियों ने खुद को किसानों का सच्चा हमदर्द बताते हुए आन्दोलन किया।  कांग्रेस ने जहाँ केंद्र सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए संभागीय आयुक्त को राष्ट्रपति के नाम  ज्ञापन देकर राहत राशि देने की मांग की तो उसके बाद भाजपा ने प्रदेश की कमलनाथ सरकार के खिलाफ हल्ला बोलते हुए  कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया अतिवृष्टि से पीड़ित किसानों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की।

सांसद विवेक शेजवलकर और पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता के नेतृत्व में भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ता अलकापुरी चौराहे पर इकट्ठा हुए और वहां से रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन की पूर्व सूचना के चलते भारी संख्या में वहां पुलिस बल  तैनात था । कलेक्ट्रेट पर डबल बेरीकेट लगे हुए थे जिससे कोई कार्यकर्ता कार्यालय में प्रवेश नहीं कर सके। कुछ कार्यकर्ताओं ने जबरदस्ती बेरीकेट हटाकर घुसने की कोशिश की इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस कर्मियों के बीच झूमाझटकी होने लगी। स्थिति बेकाबू होती उससे पहले ही वरिष्ठ नेताओं ने स्थिति को संभाल लिया। कार्यक्रम को संबोधित  करते हुए सांसद विवेक शेजवलकर और पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कमलनाथ सरकार को घेरते हुए उनपर किसानों को जानबूझकर राहत राशि नहीं  देने और उसका ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ने का आरोप लगाया। दोनों नेताओं ने कहा कि सरकार पीड़ितों का सर्वे तो करा नहीं सकी और राहत राशि की मांग कर रही है। नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार किसी के साथ भेदभाव नहीं कर रही। बल्कि कांग्रेस सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है।