उपचुनाव: कांग्रेस ने उड़ाई सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री के संकल्प की खिल्ली

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

मध्यप्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री एवं सिंधिया समर्थक नेता प्रद्युम्न सिंह तोमर के पेयजल समस्या हल नहीं होने तक बिना चप्पल रहने के संकल्प की कांग्रेस ने खिल्ली उड़ाई है। कांग्रेस का कहना है कि पूर्व मंत्री को पेयजल समस्या की इतनी ही चिंता है तो चप्पल नहीं जल त्यागते।

ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं सिंधिया समर्थक नेता प्रद्युम्न सिंह तोमर पिछले पांच दिनों से 45-46 डिग्री सेल्सियस तापमान वाली भीषण गर्मी में जनता के बीच नंगे पांव चलकर पहुँच रहे हैं और उनकी समस्या पूछ रहे हैं खासकर पेयजल समस्या के बारे में जानकारी ले रहे हैं। दर असल प्रद्युम्न सिंह तोमर की ग्वालियर विधानसभा का रहवासी पिछले 20-25 साल से भीषण पेयजल समस्या झेल रहा है। इस विधानसभा में अधिकांश बस्तियों में गरीब और मजदूर रहते हैं। यहाँ कम दबाव के साथ नलों में पानी तो आता ही है साथ ही कई मोहल्लों में पीला , गंदा और बदबूदार पानी भी आता है। जिसे लेकर प्रद्युम्न सिंह तोमर पिछले कई वर्षों से आंदोलन कर रहे हैं। पिछले बुधवार को आधी रात के समय प्रद्युम्न सिंह अपने क्षेत्र में गए और लोगों की पेयजल समस्या सुनकर कलेक्टर, नगर निगम कमिश्नर सहित पेयजल विभाग से जुड़े अधिकारियों को मौके पर बुला लिया था और कहा था कि मेरी विधानसभा में पेयजल की समस्या नहीं आनी चाहिए। इसी के साथ पूर्व विधायक ने ऐलान किया कि मैं तब तक चप्पल नहीं पहनूँगा जब तक हर घर में साफ पानी नहीं पहुँच जाता। पूर्व मंत्री ने कहा कि मैं उस तकलीफ को महसूस करना चाहता हूँ जो गरीब मजदूर को बिना चप्पल के भीषण गर्मी में होती है। मेरी विधानसभा की माताएं बहने गर्मी में दूर दूर से पानी लेकर आती है तो उन्हें क्या तकलीफ होती है मैं ये महसूस करना चाहता हूँ जिससे उनकी पीड़ा को कम कर सकूँ।

पूर्व मंत्री के बिना भीषण गर्मी में रहने के संकल्प की कांग्रेस ने खिल्ली उड़ाई है। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव और ग्वालियर पूर्व विधानसभा से उपचुनाव के दावेदार राघवेंद्र शर्मा पूर्व मंत्री के संकल्प को नौटंकी बता रहे हैं। उनका कहना है प्यासी जनता की तकलीफ को महसूस करने के लिए चप्पल त्यागने का क्या औचित्य है ? इसके लिए समस्या के निराकरण तक जल त्यागना ज्यादा उचित है। उधर कांग्रेस ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं प्रद्युम्न सिंह तोमर समर्थक इसे कांग्रेस की खीज बता रहे हैं। ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ प्रवीण अग्रवाल का कहना है पूर्व मंत्री तोमर जन सेवक हैं वे गरीब जनता की तकलीफ को महसूस कर उसे दूर करना चाहते हैं इसलिए खुद को कष्ट दे रहे हैं लेकिन जिसे जनता की तकलीफ से मतलब ही नहीं है वो लोग तो ऐसी ही बात करेंगे । बहरहाल कभी नाले से कीचड़ निकालकर तो कभी सड़क पर झाड़ू लगाकर सफाई करने वाले सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भीषण गर्मी में चप्पल त्याग कर नंगे पांव रहने का संकल्प लेकर उपचुनाव के दौर में विपक्ष की नींद जरूर उड़ा दी है।