ग्वालियर। अंचल के सबसे बड़े अस्पताल समूह जयारोग्य अस्पताल समूह में कैंसर रोगियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें इसके लिए JAH में 45 करोड़ रुपए की लागत ऐ टर्सरी कैंसर सेंटर बनना है। केंद्र सरकार ने इसके। लिए राशि आवंटित कर दी है लेकिन राशि आवंटित हिने के 15 महीने बाद भी चिकित्सा शिक्षा विभाग उपकरण खरीदी की प्रक्रिया शुरू नहीं कर सका है । उधर केंद्र सरकार ने इस सेंटर के लिए दी गई राशि के खर्च का ब्यौरा मांगा है। जिसके बाद से चिकित्सक पशोपेश में हैं। 

दरअसल अंचल के कैंसर रोगियों को लीनियर एक्सीलेटर सहित अन्य आधुनिक मशीनों की सुविधाएं मिल सकें और उन्हें इलाज के लिए दिल्ली और मुंबई  ना जाना पड़े इसके लिए केंद्र सरकार ने 45 करोड़ रुपए की लागत से टर्सरी कैंसर सेंटर बनाने के लिए कहा था। इसका काम पिछले साल  मार्च में शुरू होना था लेकिन राशि आवंटित होने के 15 महीने बाद भी चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस सेंटर के लिए उपकरण खरीदी की प्रक्रिया शुरू नहीं की है । ख़ास बात ये भी है कि इस सेंटर के लिए बन रहे भवन का निर्माण कार्य भी अटका हुआ है। इसे भी मार्च में पूरा होना था लेकिन अभी ये 70 प्रतिशत ही तैयार हुआ है। बड़ी बात ये है कि केंद्र सरकार ने दी गई राशि का ब्यौरा माँगा  है। पत्र में कहा गया है कि यदि राशि का उपयोग नहीं हो पा रहा है तो इसे वापस कर दें। अब जयारोग्य अस्पताल के चिकित्सक और अधिकारी समझ नहीं पा रहे कि पत्र का क्या जवाब दिया जाये क्योंकि यदि ब्यौरा नहीं दिया गया तो अगली किश्त केंद्र सरकार जारी नहीं करेगी। उधर जयारोग्य अस्पताल के कैंसर विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अक्षय निगम का कहना है कि उन्होंने वस्तु स्थिति से शासन को अवगत करा दिया है। और जल्द उपकरण खरीदी प्रक्रिया शुरू करने का निवेदन किया है। अब जो दिशा निर्देश आयेंगे उस हिसाब से पत्र का जवाब दिया जायेगा।