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ग्वालियर। जिले के देहात क्षेत्र के बेलगढ़ा थाने में मारपीट के आरोपी सुरेश रावत की संदिग्ध मौत के मामले में छह पुलिसकर्मियों को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ मृतक के भाई की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने रात को पूरे स्टाफ को निलंबित कर दिया था।

 दरअसल बेलगढ़ा थाना क्षेत्र में आने वाले बाजना गाँव में रहने वाले खेमू शाक्य और सुरेश रावत के खेत सटे हुए हैं दोनों के बीच खेत पर मेढ़ बनाने को लेकर  दोनों में झगड़ा हो गया था ।दोनों पक्ष कल थाने पर रिपोर्ट लिखाने पहुंच गए और दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ आवेदन दिया सुरेश के भाई अलफ सिंह के मुताबिक एएसआई विजय राजपूत ने खेमू शाक्य की रिपोर्ट पर सुरेश रावत के खिलाफ हरिजन एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया। जब उन्होंने खेमू के खिलाफ भी रिपोर्ट लिखने के लिए कहा तो प विजय राजपूत और अन्य पुलिसकर्मियों ने हरिजन एक्ट से बचाने के लिए उनसे 20000 रुपए की मांग की । परिजनों का कहना है कि जब हमने पिए देने से इंकार किया उसके बाद थाने में सुरेश की मारपीट की गई जिसकी आवाजें उन्होंने थाने के बाहर भी सुनी। परिजन थाने के बाहर ही मौजूद थे तभी थाने के लोगमृत अवस्था में सुरेश को भितरवार अस्पताल ले आते दिखे । उन्होंने लाश को रोक लिया और हंगामा करने लगे । परिजनों ने शाम 7 बजे से रात को 3 बजे तक करीब 8 घंटे तक भितरवार तिराहे पर चक्काजाम किया। और दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की।  रात को एसपी मौके पर पहुंचे उन्होंने पूरे थाने को सस्पेंड कर दिया और जांच के आदेश दिए इसके बाद परिवार वालों की शिकायत पर ए एस आई सहित छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। विवाद के चलते ग्वालियर में सुरेश का पोस्टमार्टम कराया गया और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में उसे बाजना गांव भेजा गया। उधर बेलगढ़ा थाने पर टीआई राधेश्याम शर्मा ने जिम्मेदारी संभाल ली है ।