सहकारिता माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश, सीईओ जिला पंचायत ग्वालियर सहकारी बैंक के प्रशासक नियुक्त

ग्वालियर । अतुल सक्सेना।

प्रदेश के सहकारिता एवं सामान्य प्रशासन विभाग मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सहकारिता माफिया के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। विशेषकर सहकारी गृह निर्माण समितियों के ऐसे पदाधिकारी जिन्होंने सदस्यों से रुपए लेने के बाद भी प्लॉट नहीं दिए हैं ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। उन्होंने जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक में डिपोजिट बढ़ाने के भी निर्देश दिए। डॉ. गोविंद सिंह ने यह निर्देश शनिवार को ग्वालियर में मोतीमहल के मानसभागार में आयोजित ग्वालियर एवं चंबल संभाग की सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में दिए। उन्होंने जिला पंचायत ग्वालियर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवम वर्मा को जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक ग्वालियर का प्रशासक नियुक्त करने की घोषणा भी की।

सहकारिता मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने निर्देश दिए कि गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं का भौतिक सत्यापन किया जाए। जिसमें संस्थाओं की जमीन अवश्य देखी जाए। इसके अलावा कितने सदस्यों को प्लॉट मिल गए हैं एवं कितने शेष हैं, यह भी देखा जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि यदि किसी संस्था का कोई विवाद है तो उसका निराकरण कराकर सदस्यों को प्लाट दिए जाएं। इसके लिए सहकारिता विभाग, नगर निगम, ग्वालियर विकास प्राधिकरण तथा अन्य संबंधित संस्थायें समन्वय से कार्य करें। डॉ. गोविंद सिंह ने निर्देश दिए कि संस्था में हुए विकास के नाम पर फर्जी खर्च की जांच की जाए। उन्होंने गृह निर्माण समितियों का शतप्रतिशत ऑडिट करने के भी निर्देश दिए। ऑडिट में विशेषकर पिछले वर्षों के ऑडिट नोट देखने के निर्देश दिए। सहकारिता मंत्री ने निर्देश दिए ‍कि जिन संस्थाओं के पदाधिकारी ऑडिट के लिए रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करा रहे हैं, उनके खिलाफ लिखकर दें एवं एफआईआर दर्ज कराएं। साथ ही उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की जाए। बैठक में बताया गया कि 24 संस्थाओं की 26 नस्तियां गायब हैं। इस संबंध में उन्होंने निर्देश दिए कि जिन संस्थाओं का रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है, उनका बोर्ड भंग करें। साथ ही समाचार पत्रों में ऐसी संस्थाओं का नाम प्रकाशित कराया जाए। सहकारिता मंत्री ने कहा कि संस्थाओं के गलत कार्य में विभाग के जो अधिकारी एवं कर्मचारी संलग्न हैं उनकी गोपनीय चरित्रावली में विपरीत टीप लिखी जाए, वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की जाए एवं पदावनत करने की कार्रवाई की जाए। इसके अलावा कार्य में सुधार नहीं होता है तो 20 – 50 में अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जाए। उपायुक्त सहकारिता के ग्वालियर बैठक से अनुपस्थित रहने एवं मुख्यालय से बाहर रहने पर निर्देश दिए कि 25 जनवरी की शाम तक यदि वे मुख्यालय पर नहीं आते हैं तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि सात दिन बाद फिर समीक्षा की जायेगी। इसलिए बैठक में अधिकारियों को जो निर्देश दिए गए हैं उनका पालन सुनिश्चित करें। ग्वालियर एवं चंबल संभागों के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की समीक्षा करते हुए सहकारिता मंत्री ने निर्देश दिए कि बैंकों का डिपोजिट बढ़ाने के प्रयास किए जाएं। इसके लिए अधिक से अधिक लोगों के सहकारी बैंकों में खाते खुलवाये जायें। बैंक कर्मचारीवार एवं सोसायटीवार मासिक लक्ष्य निर्धारित किया जाए। जो कर्मचारी लक्ष्य पूरा नहीं करें, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए और जो अच्छा कार्य करें उन्हें प्रशस्ति पत्र दिए जाएं। उन्होंने बैंकों के जनरल मैनेजरों को निर्देश दिए कि ऋण वितरण का कार्य सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ऋण माफी की निर्देशानुसार कार्रवाई की जाए। इसके अलावा अकृषि ऋणों की वसूली की जाए। उन्होंने दतिया के बैंक महाप्रबंधक को निर्देश दिए कि वे एक सप्ताह में कार्य में सुधार लाएं अन्यथा उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी। इस मौके पर सहकारिता मंत्री ने जिला पंचायत ग्वालियर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवम वर्मा को जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक ग्वालियर का प्रशासक नियुक्त करने की घोषणा भी की। बैठक में सहकारिता आयुक्त एवं पंजीयक एम के अग्रवाल, कलेक्टर अनुराग चौधरी, पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवम वर्मा, एपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक तथा सहकारिता विभाग एवं सहकारी बैंक के अधिकारी उपस्थित थे।