Congress-raises-questions-on-appointment-of-government-advocates

ग्वालियर। गत दिवस सरकार द्वारा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में नियुक्त किये गए शासकीय अधिवक्ताओं की नियुक्ति पर सवाल खड़े होने लगे हैं। खास बात ये है कि ये सवाल खुद कांग्रेस के नेता ही उठा रहे हैं। नेताओं का कहना है कि नियुक्ति में ना सिर्फ वोंग्रेड समर्थित वकीलों की उपेक्षा की गई है बल्कि भाजपा और संघ की विचारधारा वाले वकीलों को जगह दी गई है। साथ ही अजा जजा वर्ग की भी उपेक्षा की गई है। 

सरकार ने गत दिवस एक सूची जारी कर मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के लिए 20 शासकीय अधिवक्ता और दो उप शासकीय अधिवक्ता की नियुक्ति की है इस नियुक्ति में शामिल नामों को लेकर कांग्रेस ने आपत्ति दर्ज कराई है। अखिल भारतीय कौमी एकता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय जौहरी ने सूची पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें 17 नाम एक ही वर्ग के वकीलों के हैं जबकि अजा जजा वर्ग के किसी भी सदस्य को जगह नहीं दी गई। साथ ही सदस्यों के अनुभव उनकी वरिष्ठता योग्यता को भी अनदेखा किया गया है। श्री जैहरी ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को इस सम्बन्ध में पत्र लिखा है। इसी तरह हाईकोर्ट बार एसोसियेशन के पूर्व अध्यक्ष प्रेम सिंह भदौरिया का कहना है कि नियुक्ति में सही मायने में कांग्रेस समर्थित वकीलों की उपेक्षा हुई है इसमें कई कई चेहरे ऐसे हैं जो भाजपा या संघ से जुड़े हैं। उन्होंने भी इस मामले में सिंधिया से बात करने की बात कही है।