मंत्री के खिलाफ थाने पहुंची कांग्रेस, FIR की मांग, देर रात निगम ने फिर हटाये होर्डिंग-पोस्टर

ग्वालियर,अतुल सक्सेना। बुधवार को ग्वालियर में फूलबाग चौराहे पर लगे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के होर्डिंग बैनर हटाये जाने के बाद ऊर्जा मंत्री और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई झूमाझटकी का मामला अब पुलिस थाने पहुँच गया है। कांग्रेस ने अपने उन कार्यकर्ताओं से पुलिस थाने में शिकायती आवेदन दिलवाये है जिनका कहना है कि मंत्री और उनके स्टाफ ने उनके साथ मारपीट की है। दिन में वरिष्ठ अधिकारियों के दखल के बाद मामला शांत हो गया था। प्रशासन ने भरोसा दिया था कि जिन होर्डिंग की अनुमति है उन्हे लगवा दिया जायेगा और अब कोई कार्रवाई नहीं होगी। लेकिन देर रात निगम का अमला फिर होर्डिंग बैनर हटाने लगा। सूचना मिलते ही कांग्रेसी इकट्ठा हो गए और जब्त किये होर्डिंग बैनर को निगम कर्मियों से छीन लिया। फिर देर रात कांग्रेस के बड़े नेताओं ने एसपी और कलेक्टर से मुलाकात कर विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस का कहना है कि यदि मंत्री पर FIR नहीं हुई तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष नाज़िम खान के साथ हुई झूमाझटकी का मामला शांत होने की बजाय गर्मी पकड़ रहा है। घटना के वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस मुखर हो गई है। नाज़िम खान का आरोप है कि मैं हाथ में पार्टी का झंडा लेकर विरोध स्वरूप नारे लगा रहा था तभी मंत्री ने मेरे हाथ से झंडा छीनकर तोड़ दिया और मेरी गर्दन पकड़ ली। इसी बीच उनके सुरक्षाकर्मियों ने मेरी गर्दन पकड़ ली और मेरे साथ मंत्री के इशारे पर मारपीट की। गौरतलब है कि घटनाक्रम की शुरुआत नगर निगम प्रशासन द्वारा कमलनाथ के स्वागत के लिए लगाए गए होर्डिंग बैनर हटाने से शुरू हुआ। सूचना मिलते ही कांग्रेस के बड़े नेता चौराहे पर धरने पर बैठ गए। इसी दौरान जब मंत्री तोमर चौराहे पर चल रहे मांझी समाज के धरने में ज्ञापन लेने पहुंचे तो कांग्रेस कार्यकर्ता उनके विरोध में नारे लगाने लगे और उनका रास्ता रोकने लगे। इसी दौरान दोनों पक्षों में झूमाझटकी और मारपीट हो गई। कांग्रेस का आरोप था कि स्थानीय प्रशासन ज्योतिरादित्य सिंधिया और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के इशारे पर ये सब कर रहा है। घटना के बाद कांग्रेस के बड़े नेताओं को प्रशासन ने आश्वासन दिया कि यदि अनुमति वाले होर्डिंग हटाये गए हैं तो उन्हे लगा दिया जायेगा। और जो बिना अनुमति के लगाए गए हैं उन्हें अनुमति लेकर लगवा सकते हैं। प्रशासन के भरोसे के बाद कांग्रेस नेता लौट गए लेकिन लगभग आधी रात को निगम के कर्मचारी फिर होर्डिंग बैनर हटाने लगे। सूचना मिलते ही कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास सिंह रावत, पूर्व मंत्री एवं विधायक लाखन , जिला अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा, ग्वालियर विधानसभा से पार्टी उम्मीदवार सुनील शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी सड़क पर निकल आये। इन लोगों ने पड़ाव थाने पहुंचकर शिकायती आवेदन देकर मंत्री और उनके स्टाफ़ पर FIR करने की मांग की। शिकायती आवेदन देने के बाद बड़े नेता कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और पुलिस अधीक्षक अमित सांघी के पास पहुंचे और अपना विरोध दर्ज कराया।

उधर पुलिस का कहना है कि शिकायती आवेदन में लगाए आरोपों की जांच कर और सुबूत देखने का बाद उचित कार्रवाई की जायेगी। कांग्रेस ने कहा है कि यदि पुलिस मंत्री और उनके स्टाफ कार्रवाई नहीं करती तो हम सबूतों के साथ न्यायालय जायेंगे। बहरहाल बुधवार दोपहर से शुरू हुआ घटनाक्रम देर रात तक जारी रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के तेवर देखने से लगता नहीं है कि ये जल्दी थमने वाला है। संभव है ग्वालियर विधानसभा उप चुनाव में भी इसका असर दिखाई दे।

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