कांग्रेस कार्यकर्ताओं के कामकाज का होगा हिसाब, घर बैठने वालों पर होगी कार्रवाई!

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ग्वालियर। विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश कांग्रेस ने नाराज कांग्रेसियों को संतुष्ट करने के लिए दिल खोलकर पद बांटने का काम किया था। इसके पीछे कांग्रेस की मंशा थी कि ऐसे कांग्रेसी पार्टी प्रत्याशी के लिए बेहतर काम करेगें। अब किसने कितना काम पार्टी के लिए किया है इसको लेकर मॉनीटरिंग करने वालो से रिपोर्ट लेकर उनके काम की समीक्षा की जा रही है। जमीनी स्थिति यह है कि पद मिलने वाले कुछ कांग्रेसियों ने चुनाव में बेहतर काम किया, लेकिन अधिकांश पद लेकर घर बैठे रहे।

चुनाव के दौरान जिनको पद देकर कांग्रेस ने संतुष्ट करने का काम किया गया था उनके बारे में अब यह जानकारी जुटाई जा रही है कि क्या उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए काम किया है कि नहीं। पदाधिकारियों के काम की निगरानी के लिए प्रदेश कांग्रेस ने कुछ विश्वस्त लोगों को तैनात कर रखा था जिनके जरिए अब रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस तक पहुंच रही है। जिले में भी कई कांग्रेसी है जिनको प्रदेश पदाधिकारी बनाया गया था जिसमें से महामंत्री बनाएं गए सुरेन्द्र शर्मा की ड्यूटी गोहद विधानसभा में लगा दी गई थी जिन्होंने वहां बेहतर काम किया, इसके साथ ही ग्वालियर पूर्व में रहने वाले यदुनाथ सिंह तोमर ने भी पद मिलने के बाद से पार्टी प्रत्याशी के लिए काम किया वहीं ग्वालियर विधानसभा में अशोक सिंह एवं सुनील शर्मा ने भी काम किया है, ऐसी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस के पास पहुंची है। अब दक्षिण क्षेत्र के जिन कांग्रेसियों को पदाधिकारी बनाया गया था उसमें से अधिकांश ने पार्टी के लिए काम न कर घर बैठना ही उचित समझा। अब ऐसा क्यों हुआ ओर किस कारण से दूरी बनाकर रखी इसको लेकर अब छानबीन की जा रही है। वैसे किसने काम किया ओर किसने काम नहीं किया इसको लेकर प्रत्याशियों की रिपोर्ट को अहम माना जाएगा।

परिणाम आने के बाद काम न करने वालों की होगी छुट्टी……

विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद ऐसे पदाधिकारियों की छुट्टी करने का मन प्रदेश अध्यक्ष ने बना लिया है जिन्होंने पार्टी प्रत्याशी के लिए काम नहीं किया है। अब इसका परीक्षण तो शुरू हो गया है, लेकिन पार्टी प्रत्याशी की रिपोर्ट मिलने के बाद ऐसे पदाधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही होना तय माना जा रहा है। अभी तक ग्वालियर दक्षिण के कांग्रेस प्रत्याशी ने ऐसे कई कांग्रेसियों की सूची बनाकर प्रदेश कांग्रेस के पास भेज दी है जिन्होंने चुनाव के दौरान पार्टी के खिलाफ काम किया है। परिणाम आने के बाद पदाधिक ारियों के क्षेत्र के बूथ की पोलिंग का मत देखने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि संबंधित पदाधिकारियों ने कितना काम किया है। सिंधिया पहले ही सभी कांग्रेस नेताओ से कह चुके थे कि अपनी पोलिंग पर विशेष ध्यान देकर कांग्रेस को आगे रखे, क्योंकि इसी से यह पता चलेगा कि किस कांग्रेसी में कितना दम है। इसके पीछे कारण यह है कि सिंधिया भी यह देखना चाहते है कि टिकट मांगने का दावा करने वाले नेताओ में कितना दम है।