कोरोना इफेक्ट: सेंट्रल जेल से 91 बंदी आपात पेरोल पर रिहा, कुल 580 की होगी रिहाई

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

क्षमता से अधिक बंदियों का भार झेल रही ग्वालियर सेंट्रल जेल से सरकार के आदेश पर बंदियों को आपात पेरोल पर छोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आदेश मिलते ही बीती रात 91 बंदियों की रिहाई कर दी गई। इनको 45 दिन से 60 दिन के पेरोल पर चौड़ा गया है। शेष बंदियों की रिहाई एक दो दिन में हो जाएगी।

ग्वालियर सेंट्रल जेल की क्षमता करीब 2500 बंदियों की है लेकिन यहाँ वर्तमान में 3300 बंदी है जिनमें सजायाफ्ता और विचाराधीन दोनों शामिल हैं। कोरोना संकट के चलते जेल प्रबंधन के सामने इनके स्वास्थ्य को लेकर बड़ी चिंता थी इसलिए प्रशासन के सरकार के पास 600 भेजा। सरकार ने इसमें से 580 बंदियों के आपात पेरोल के आदेश राज्य शासन ने जारी कर दिए। ये आदेश सोमवार देर शाम सेंट्रल जेल पहुंचे जिसके बाद आजीवन कारावास की सजा काट रहे 91 बंदियों को रिहा किया गया। इन्हें 60 दिन की आपात पैरोल पर रिहा किया गया है, इनमें 88 पुरुष और 3 महिला बंदी शामिल हैं। रिहाई से पहले सभी बंदियों का हेल्थ चेक अप किया गया।

जेल अधीक्षक मनोज कुमार साहू के मुताबिक रिहा किये गए सभी बंदी ग्वालियर जिले के रहने वाले हैं, इनमें से अधिकांश हत्या के अलग-अलग मामले में सजा काट रहे हैं। श्री साहू के मुताबिक 580 बंदी रिहा किये जाने हैं। रिहा कैदियों को उनके चाल-चलन आदि के आधार आपात पैरोल के लिए सूचीबद्ध किया गया है। रिहा किये गए 91बंदियों को तीन पुलिस वैन की सहायता से उनके घर के लिए रवाना किया गया। शेष बंदियों की भी रिहाई एक दो दिन में की जायेगी।

न्यायालय ने मंजूर की 49 विचाराधीन बंदियों की जमानत

जेल अधीक्षक मनोज कुमार साहू ने बताया कि विचाराधीन बंदियों के 120 जमानती आवेदन न्यायालय में पहुंचे थे जिसमें से 76 आवेदनों को न्यायालय ने मंजूर कर लिया जिसे आधार पर 76 आवेदन वाले 49 विचाराधीन बंदियों को भी रिहा कर दिया गया है इन्हें 45 दिन के पेरोल पर रिहा किया गया है। रिहा किये गए बंदियों में वो बंदी शामिल हैं जिन्हें उनके द्वारा किये गए अपराध में अधिकतम पांच वर्ष की सजा हो सकती है। गौर तलब है कि वर्तमान में ग्वालियर सेंट्रल जेल में 1100 विचाराधीन बंदी हैं।