पीले पानी की सप्लाई रोकने में निगम अफसर नाकाम, नेता प्रतिपक्ष देंगे धरना

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ग्वालियर। शहर में पीले पानी की सप्लाई से जनता परेशान हो रही है, लेकिन अधिकारी अब तक इस समस्या का हल नहीं निकाल पाए हैं। पीले पानी की समस्या बढ़ते ही अधिकारी मोतीझील प्लांट का निरीक्षण कर साफ पानी सप्लाई होने का दावा कर देते हैं। लेकिन बाद में फिर से पीले पानी की सप्लाई प्रारंभ हो जाती है। अब निगम अधिकारियों की नाकामी और जनता की परेशानी को देखते हुए नेता प्रतिपक्ष कृष्ण राव दीक्षित ने 20 मई से धरने की चेतावनी दी है। दीक्षित ने इसके लिए चुनाव आयोग से अनुमति मांगी है। 

बीते दो महीने से शहर की जनता पीला और बदबूदार पानी पीने को मजबूर है। खास बात ये है कि ये सप्लाई नगर निगम के मोतीझील वाटर फ़िल्टर प्लांट से हो रही है। समस्या हल नहीं होते देख अब अधिकारी भी बार-बार अपना बयान बदल रहे हैं। अधिकारी अभी तक यह नहीं समझ पा रहे हैं कि पीला पानी आखिरकार आ कहां से रहा है। मोतीझील प्लांट से पहले पीला पानी सप्लाई होने की बात कही गई। लेकिन इसके बाद अधिकारियों ने दावा किया कि मोतीझील प्लांट में पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ा दी है इससे पीले पानी की समस्या खत्म हो जाएगी। लेकिन तीन दिन बाद ही शहर में फिर से पीला पानी सप्लाई होने लगा जो कि अभी तक जारी है। निगम के अधिकारियों का दावा है कि प्लांट से पानी साफ आ रहा है। लेकिन इसके बाद भी शहर में पीला पानी कैसे पहुंच रहा है। इसका कारण जानने के लिए अधिकारियों ने अभी तक शहर में पानी सप्लाई करने वाले 58 पानी की टंकियों के सैंपल नहीं लिए हैं। इस सैंपल से पता चल जाता कि अगर पानी प्लांट से साफ आ रहा है तो फिर किस स्थान पर पानी पीला हो रहा है। 

नेता प्रतिपक्ष देंगे धरना

शहरवासियों को नगर निगम द्वारा की जा रही पीले पानी की सप्लाई के विरोध में नेता प्रतिपक्ष कृष्णराव दीक्षित ने निगम मुख्यालय में 20 मई से धरना देने की  निर्वाचन अधिकारी से अनुमति मांगी है। नेता प्रतिपक्ष ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में कहा कि मोतीझील प्लांट से पीला, कचरायुक्त, गंदा सीवरयुक्त एवं कीड़े के साथ अधिकांश मोहल्लों में गंदा पानी आ रहा है। इसके कारण शहरभर में हैजा, पीलिया बढ़ रहा है। नगर निगम के पीएचई कर्मचारियों से बार-बार कहा गया है लेकिन इसके बाद भी पीला पानी की समस्या का निदान नहीं हुआ है। इसलिए अगर दो दिन में पानी की समस्या हल नहीं होती है तो 20 मई से निगम मुख्यालय पर धरना देने की इजाजत दें।