IAS सुरेश कुमार सहित 4 अफसरों को कोर्ट ने 5-5 हजार के जमानती वारंट से फिर किया तलब

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ग्वालियर। ग्वालियर विकास प्राधिकरण के पूर्व CEO और  मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डवलपमेंट  कॉर्पोरेशन के वर्तमान MD सुरेश कुमार सहित तीन अन्य अधिकारियों को विशेष न्यायाधीश  सुदीप कुमार श्रीवास्तव ने पांच पांच हजार रुपए के जमानती वारंट से तलब किया है। मामला 2016  का है जब IAS सुरेश कुमार GDA के CEO थे और उन्होंने शताब्दीपुरम में निर्माणाधीन भवन को ढहाने का आदेश दिया था। 

जानकारी के अनुसार 2016 में शताब्दीपुरम में निर्माणाधीन भवन को तोड़े जाने के आदेश के खिलाफ मेघा गोयल ने न्यायालय में चुनौती दी और विशेष न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया। जिसमें CEO सुरेश कुमार सहित ग्वालियर विकास प्राधिकरण के आठ अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ बहोड़ापुर थाने में प्रकरण दर्ज करने की मांग की। सुनवाई के बाद 17 सितम्बर 2018 को विशेष न्यायालय डकैती एवं अपहरण प्रभावित क्षेत्र ने सभी के खिलाफ IPC की धारा 4,120बी,440,395 सहपठित धारा 11/13 MPDPK एक्ट 1981 में प्रकरण दर्ज करने का आदेश  दिया। लेकिन जब आरोपियों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं हुआ उसके बाद 9 अप्रैल 2019 को विशेष न्यायालय ने सभी आरोपियों को जमानती वारंट से तलब किया।  इसके खिलाफ GDA के अधिकारी  सुधाकर खेड़कर, सुभाष सक्सेना, विजय भंडारी और मनोज माथुर ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दिया जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया जिसके बाद चारों अधिकारियों ने विशेष न्यायालय में सरेंडर कर दिया।  सभी को 25-25 हजार रुपए की सक्षम प्रतिभूति व 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया वहीं सुरेश कुमार,यूएस मिश्रा, ओपी श्रीवास्तव और अमीनुद्दीन को पांच-पांच हजार रुपए के जमानती वारंट से तलब किया गया है।