दिल्ली ले जाने देते तो बच जाता छात्र, परिजनों ने अस्पताल पर लगाए आरोप

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ग्वालियर ।  गत दिवस एक्सीडेंट में घायल हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकारिणी सदस्य की इलाज के दौरान मौत हो गई। जिससे नाराज परिजनों ने अस्पताल में हंगामा मचाते हुए डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है ।

दरअसल अमलतास कॉलोनी में रहने वाले 12वीं क्लास का छात्र और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का कार्यकारिणी सदस्य योगेश शर्मा अपने पिता अनिल शर्मा के साथ बुधवार की सुबह स्कूल जा रहा था कि तभी पीछे से आ रहे एक टैंकर ने टक्कर मार दी जिसमें योगेश शर्मा के शरीर की हड्डियां टूट गई और उसे इलाज के लिए पास ही में बने  बिरला हॉस्पिटल में भर्ती कराया जब परिजनों ने देखा कि उसका इलाज  ठीक तरीके से नहीं हो रहा है तो उसे इलाज के लिए परिजनों ने दिल्ली ले जाने की इच्छा डॉक्टरो से जताई। लेकिन डॉक्टरों ने उसकी मौत का हवाला देते हुए दिल्ली नहीं ले जाने दिया और उसकी गुरुवार की देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई जिससे नाराज परिजनों ने अस्पताल के अंदर हंगामा मचा दिया परिजनों का कहना था कि अस्पताल के लोग सिर्फ पैसे के लिए इलाज करते रहे और बच्चे को दिल्ली नहीं ले जाने दिया अगर वह दिल्ली ले जाने देते तो शायद उसकी मौत नहीं होती। हंगामा कर रहे  अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने  चेतावनी दी है कि अगर पुलिस कोई ठोस कार्रवाई अस्पताल के  लोगों के खिलाफ नहीं करती है तो वह सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेंगे। वही हंगामे की खबर मिलते ही गोला का मंदिर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे लोगों को शांत कर युवक के शव को पीएम के लिए रवाना किया और वही हंगामा मचा रहे लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर जांच शुरू कर दी है।