अपराध एवं अपराधी के संदर्भ में भौतिक साक्ष्यों की भूमिका पर पुलिस साइंस काँग्रेस में हुई चर्चा

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। । मध्यप्रदेश पुलिस की ओर से पुलिस प्रशिक्षण शाला, तिघरा ने प्रतिनिधित्व करते हुए दो दिवसीय (22 , 23 अक्टूबर) ऑनलाइन केरला स्थित केरला पुलिस अकादमी एवं महात्मा गाँधी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित द्वितीय पुलिस साइन्स काँग्रेस के प्रथम दिवस में विषय फॉरेंसिक साइन्स एंड फॉरेंसिक साइकोलॉजी थीम पर सक्रिय सहभागिता की।

पीटीएस तिघरा में पदस्थ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी विजय कुमार उपमन्यु ने बताया कि पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार पुलिस अधीक्षक निवेदिता गुप्ता के प्रोत्साहन से पुलिस प्रशिक्षण शाला तिघरा में पदस्थ वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. विनोद ढींगरा ने ” ब्लाइंड मर्डर डीकोडेड बाय फॉरेंसिक इन्वेस्टिगेशन – ए केस स्टडी ” पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। ऑनलाइन प्रस्तुतिकरण के समय जुड़े विद्वानों /शोधकर्ताओं एवं पुलिस के सहभागियों से विचार साझा करते हुये, उनकी शंकाओं के सन्दर्भ में डॉ. विनोद ढींगरा ने समाधान भी बताये। इस अवसर पर एएसपी एयू सिद्दीकी , डीएसपी राजीव चतुर्वेदी ,सहायक जिला अभियोजन अधिकारी विजय कुमार उपमन्यु ,सीएलआई हेमन्त शर्मा,आरआई अरविन्द सिकरवार एवं तकनीकी स्टाफ एसआई भारत सिंह,आरक्षक वीर सिंह,आरक्षक वैभव मुंडी , जावेद खान पी.टी. एस. तिघरा भी उपस्थित रहे ।

सहायक जिला अभियोजन अधिकारी विजय कुमार उपमन्यु ने बताया कि द्वितीय पुलिस साइन्स काँग्रेस केरला में आरोपियों की सटीक पहचान एवं योजनाबद्ध आपराधिक प्रकरणों को वैज्ञानिक अनुसंधान से हल करने के लिये घटना स्थल पर भौतिक साक्ष्यों की सुरक्षा, संकलन, संरक्षण और विभिन्न फॉरेंसिक परीक्षणों की जानकारी साझा करते हुए सहयोगी विजय कुमार उपमन्यु के साथ वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. विनोद ढींगरा ने नवीनतम फॉरेंसिक तकनीक के उपयोग , घटना स्थल के सूक्ष्म निरीक्षण एवं अपराध से अपराधी के संदर्भ को जोड़ने में भौतिक साक्ष्य की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया ।

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