120 करोड़ की सरकारी जमीन पर हो रही थी खेती, प्रशासन ने मुक्त कराई

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ग्वालियर। एंटी माफिया अभियान के तहत जिला प्रशासन के अमले ने जलालपुर गांव के पास लगी 59 बीघा ऐसी सरकारी जमीन मुक्त कराई है जिसपर कई वर्षों से आसपास के लोग सरसों,गेहूं सहित अन्य फसलों की खेती कर रहे थे। मुक्त कराई गई जमीन की कीमत 120 करोड़ बताई गई है।

कलेक्टर अनुराग चौधरी को जानकारी मिली थी कि जलालपुर गांव के पास सरकारी जमीन पर कुछ लोग खेती कर रहे हैं। प्रशासन की टीम एसडीएम प्रदीप तोमर के नेतृत्व में जब मौके पर पहुंची तो सरकारी जमीन पर 14 लोगों की खेती लहलहाती मिली। इस सरकारी जमीन पर आलू, सरसों, गेहूं आदि की फसल खड़ी थी। अमले ने तुरंत फसल पर थ्री डी मशीन चलवाई और स्वेज फार्म की इस सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त करा लिया। 

120 करोड़ की जमीन 

मुक्त कराई इस जमीन की कीमत 120 करोड़ रुपये बताई गई है। एसडीएम तोमर के मुताबिक इस जमीन पर 10 बीघा में परमाल सिंह की सरसों, 5 बीघा में रामवरण सिंह की सरसों, 3 बीघा में प्रीतम सिंह की सरसों, और 2-2 बीघा में राजू, पंकज, मोहनलाल, और शेरा की सरसों, 8 बीघा में सोनेराम की सरसों, 3 बीघा में निहाल सिंह की गेहूं , 8 बीघा में अमरीक सिंह के आलू और 2-2 बीघा में पंकज लोधी, विजय लोधी, सरमन लोधी एवं भूपसिंह की आलू की फसल खड़ी थी। जिसे नष्ट कर जमीन को मुक्त कराया गया। ये 14 किसान वर्षों से खेती कर हर साल लाखों रुपए की आमदनी कर रहे थे।