रेलवे में नौकरी के लिए परीक्षा, मेडिकल और ट्रेनिंग कराई, बदमाशों ने ठग लिए 66 लाख रुपए

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ग्वालियर । बेरोजगारी के बढ़ते आलम ने युवाओं की सही और गलत के बीच के अंतर को देखने की शक्ति को छीन लिया है। जिसके कारण ठग उन्हें अपना शिकर बना रहे हैं और युवा अपने परिवार की गाढ़ी कमाई बदमाशों के हवाले कर रहे हैं। ठगी का एक ऐसा ही मामला ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने दर्ज किया है जिसमें बदमाशों ने रेलवे में नौकरी देने का लालच देकर 11 बेरोजगारों से 66 लाख रुपए ठग लिए। 

कोलकाता निवासी विनोद यादव ने बेरोजगार युवकों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उनके साथ ठगी करने का प्लान बनाया । उसके इस अपराध में साथ दिया मुरैना जिले के सबलगढ़ में कोचिंग चलाने वाले  रूपसिंह मीणा ने। पूरा मामला 2017 से लेकर अबतक का है। दरअसल सबलगढ़ निवासी शिवकुमार शर्मा 2017 में ग्वालियर के गेंडेवाली सड़क पर अपने दोस्तों धर्मेंद्र,प्रदीप,सलीम और विकास के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। एक दिन जब वो ग्वालियर आ रहा था तब उसे सबलगढ़ में कोचिंग चलाने वाले रूपसिंह मीणा ने फोन किया । मीणा ने उससे रेलवे में टिकट कलेक्टर की नौकरी लगवाने की बात कही और कहा कि पश्चिम बंगाल में उसकी सेटिंग है, शिवकुमार ने अपने साथियों को ये बात बताई। तो शिवकुमार और उसके साथी मीणा के झांसे में फंस गए। सौदा प्रति व्यक्ति 6 लाख रुपए के हिसाब से तय हुआ। 

परीक्षा,मेडिकल और ट्रेनिंग का जाल बुना

रूपसिंह मीणा ने विनोद यादव की मदद से पूरा प्लान तैयार किया फिर जुलाई 2017 में शिवकुमार और उसके साथियों को एक परीक्षा दिलाकर 10 दिन बाद ही रिजल्ट घोषित कराकर उन्हें पूरे भरोसे में ले लिया। इसके बाद वे उन्हें गोरखपुर लेकर पहुंचे, यहां उनकी मुलाकात  सतीश सिंह यादव नाम के व्यक्ति से हुई उसने पांच छात्रों का मेडिकल एक रेलवे अस्पताल में कराया। मेडिकल के दौरान किसी से भी बात नहीं करने की हिदायत दी और मेडिकल के नाम पर 10 लाख रुपए भी लिए। इसके बाद ठग उन्हें आसनसोल पश्चिम बंगाल लेकर पहुंचे यहां उनकी मुलाकात विनोद यादव से हुई। यहां 10 लाख रुपए विनोद ने इन लोगों से लिए। इसके बाद सभी को खड़गपुर में रेड्डी नाम के व्यक्ति के पास भेजा जहां तीन महीने की ट्रेनिंग दी गई। ट्रेनिंग के दौरान सभी को 7300 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से वेतन भी दिया गया। अब तक ठग इन सभी का भरोसा जीत चुके थे । इस बीच छात्रों ने त्योहार पर घर जाने के लिए छुट्टी मांगी तो उन्हें एसी का सफर भी कराया। जब शिवकुमार घर लौटा तो उसकी पूरी बात सुनने के बाद  उसके कुछ रिश्तेदारों ने भी नौकरी करने की इच्छा जताई, जिसके बाद भरत, मुकेश, राजवीर, राजू, विनय और सचिन को शिवकुमार ने विनोद से मिलवाया । इनसे भी प्रति व्यक्ति 6-6 लाख लिए गए। और पूरी प्रक्रिया दोहराई गई। 

ऐसे हुआ इन लोगों को संदेह

ठगों ने सभी को ट्रेनिंग कराने के बाद कोलकाता में नौकरी के लिए भेजा । बाकायदा इन लोगों को जॉइनिंग लेटर भी दिए गए। सभी को गावों के स्टेशनों पर नौकरी कराई जाने लगी लेकिन इस बात की हिदायत दी गई कि वे किसी से बात नहीं करेंगे। कुछ समय बाद इन लोगों को शक हुआ तो ये लोग कोलकाता रेलवे ऑफिस पहुंचे और अपने जॉइनिंग लेटर दिखाए तो उन्हें लेटर फर्जी होनो की जानकारी लगी। उन्हें ये समझने में देर नहीं लगी कि उनके साथ ठगी हुई है। उन्होंने रुपए वापस मांगे तो ये लोग उनसे दूर होने लगे। ये सभी लोग लगातार विनोद और रूपसिंह को तलाशते रहे लोकिन किसी से संपर्क नहीं हुआ । इसके बाद इन लोगों ने कुछ दिन पहले ग्वालियर में पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। शिकायत में बताया गया कि बदमाशों ने 11 लोगों के साथ 66 लाख की ठगी की है।  शिकायत मिलने के बाद एसपी ने मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया, जिसके बाद जांच के आधार पर क्राइम ब्रांच ने ठगी के मास्टर माइंड कोलकाता निवासी विनोद यादव, दिल्ली निवासी सतीश यादव, सबलगढ़ के कोचिंग संचालक रूपसिंह मीणा के अलावा इन लोगों के सहयोगी  प्रीतम सरकार उर्फ शौकत बनर्जी पर मामला दर्ज कर लिया है। इसके अलावा क्राइम ब्रांच ने उन लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है जिनके खातों में पैसा ट्रांसफर किया गया इनमें शिवानी देवी, लोकेश,जलसागर,शहजाद,इमरान और सलीम खान के नाम शामिल हैं। ठगों ने 66 लाख की ठगी में से केवल 28 लाख रुपए बैंक खातों में ट्रांसफर किए हैं जबकि शेष रकम कैश ली गई। पुलिस सरगर्मी से ठगों की तलाश कर रही है जबकि ठगी का शिकार हुए बेरोजगार युवा खुद को कोस रहे हैं।