अच्छी खबर: पुलिसकर्मी परिवारों के 450 सदस्यों का परीक्षण, कोई नहीं निकला संदिग्ध

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

लॉकडाउन में दिन रात ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी और उनके परिजन इस समय सबसे ज्यादा चिंतित है। इनकी चिंता को समझते हुए शहर के हजीरा थाना प्रभारी आलोक सिंह परिहार ने अपने थाने के स्टाफ और उनके परिजनों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। शिविर में अपोलो हॉस्पिटल की डॉ कल्पना यादव द्वारा थाना हजीरा स्टाफ एवं थाना परिसर में बने शासकीय आवासों में रह रहे लगभग 450 पुलिस कर्मचारी एवं उनके परिवारों का टेस्ट किया गया।

डॉ कल्पना ने कोरोना को देखते हुए सभी के टेंप्रेचर सहित बुनियादी चेक अप किये और खुशी की बात ये रही कि ना तो कोई पुलिसकर्मी और ना ही उनके परिवार का कोई सदस्य कोरोना संदिग्ध निकला। डॉ कल्पना ने शिविर में पहुंचे लोगों को सलाह दी कि वे भीड़ भाड़ से बचें, जब ज्यादा जरूरत हो तभी घर से बाहर निकले।

गौरतलब है कि 21 दिन के लॉक डाउन का कड़ाई से पालन कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन के साथ साथ पुलिस प्रशासन की है। इसके लिए पुलिस को फील्ड में भारी मशक्कत कर रही है। पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी दिन रात फील्ड में रहकर लोगों को घर में सुरक्षित रहने के लिए कह रहे है। इसके अलावा पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भरपूर फायदा उठा रही है। पुलिस के आला अधिकारी सोशल मीडिया पर पोस्टर पोस्ट कर रहे हैं और इसमें स्लोगन लिखकर लोगों को जागरूक और प्रेरित कर रहे हैं।

ग्वालियर रेंज के आईजी(एडीजीपी) राजाबाबू सिंह ने अपने फोटो के साथ एक पोस्टर सेंड किया हैं जिसमें उन्होंने लिखा “कोरोना वायरस से ना घबराएं, खुद बचें और सबको बचाएं”। इसे साथ ही उन्होंने पुलिस कैप, डॉक्टर का इस्टेथोस्कोप और सफाईकर्मी की झाड़ू का चित्र बनाकर उस पर सेल्यूट लिखा है।

आई जी के पोस्ट के अलावा एसपी नवनीत भसीन भी लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। उन्होंने अपने फोटो के पोस्टर के साथ लिखा है “हाथ धोना, जिंदगी से हाथ धोने से बेहतर है, एहतियात करें,क्योंकि एहतियात इलाज से बेहतर है” एक अन्य पोस्ट में एसपी ने लिखा कि “घर में रहना, आईसीयू में रहने से बेहतर है” एहतियात करें, क्योंकि एहतियात इलाज से बेहतर है”। ” घर में रहें, सुरक्षित रहें”। पुलिस की इस मुहिम को लोग बहुत सराह रहे हैं।