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ग्वालियर। कुपोषण, दिव्यांगता, शिक्षा से छूटे और टीबी ग्रस्त बच्चों को पहचान कर देखरेख करने के लिए अब ऐसे बच्चों का ज्वाइंट सर्वे किया जाएगा। इससे एक साथ ही ऐसे बच्चों को चिन्हित किया जा सकेगा और संबंधित विभागों को तत्काल देखरेख के लिए दे दिया जाएगा। इससे अधिकारियों का समय,एनर्जी बचेगी और पीड़ितों तक राहत जल्द पहुंचेगी। अभी तक टीबी,दिव्यांगता और कुपोषण का अलग अलग सर्वे किया जाता था लेकिन अब सर्वे पैटर्न बदला जाएगा। गुरुवार को ग्वालियर प्रवास पर आईं मप्र की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गुजरात थीम का यह प्लान अफसरों को दिया। उन्होने यह भी बताया कि गुजरात में इस तरह कार्य हो रहा है। उन्होने कलेक्टर-एसपी सहित अधिकारियों से बैठक में संचालित योजनाओं की भी जानकारी ली।

राज्यपाल ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला बाल विकास विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन को प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता दें।  कुपोषण निवारण के क्षेत्र में भी विशेष प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने रेडक्रॉस समिति की समीक्षा के दौरान कहा कि रेडक्रॉस समिति के सदस्यों की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी प्रयास किए जाना चाहिए। इसके साथ ही कुपोषण निवारण में सामाजिक संस्थाओं के साथ साथ समाज के सभी वर्गों का सहयोग मिले, इसके विशेष प्रयास किए जाएं। स्कूल छोड़ चुके बधाों को पुन शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास किया जाए।वहीं सहरिया महिलाओं को स्वसहायता समूह से जोड़ने के लिए भी निर्देशित किया।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शासन की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि आम जनों के हित में संचालित योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को समय पर मिले, इसके लिए अधिकारी सभी विभागों से समन्वय स्थापित कर कार्य को प्राथमिकता से करें। जरूरतमंद को उसकी जरूरत के समय मदद मिले, इसीलिए शासन योजनाएं चलाता है। इन योजनाओं का लाभ दिलाने की जवाबदारी विभागीय अधिकारियों की रहती है। अधिकारियों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर भरत यादव, पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन, सीईओ जिला पंचायत शिवम वर्मा, रेडक्रॉस समिति के सचिव डॉ आर पी शर्मा, अपर कलेक्टर अतुल सिंह, महिला एवं बाल विकास अधिकारी राजीव सिंह, सीएमएचओ डॉ मृदुल सक्सेना एवं डीपीसी उपस्थित थे। 

पार्क की दुर्दशा देखकर नाराज हुईं राज्यपाल ,तत्काल हुआ काम

मुरार सर्किट हाउस में आते ही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने देखा कि सर्किट हाउस का पार्क-ग्राउंड बदहाल स्थिति में दिखा। इसपर उन्होंने नाराजगी जताई और कहा कि यहां वीवीआईपी लोग आते हैं,ऐसे में क्या संदेश जाता होगा। कलेक्टर भरत यादव को उन्होंने व्यवस्था सुधरवाने को कहा,इस पर कलेक्टर ने निगमायुक्त को निर्देश दिए। एक ही दिन में पूरा पार्क ग्राउंड निगम के अमले ने चमका दिया। गर्वनर की नाराजगी के बाद नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों में हडकंप मच गया था।