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ग्वालियर, अतुल सक्सेना। ग्वालियर (Gwalior) के जयारोग्य अस्पताल(Jairogya Hospital) समूह में नौकरी (JOB) करते दो फर्जी कर्मचारी(Employee) पकड़ में आये हैं। मामले का खुलासा तब हुआ जब अस्पताल अधीक्षक अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निरीक्षण पर निकले थे। उन्हें दो संदिग्ध व्यक्तियों पर शक हुआ और जब उनसे दस्तावेज मांगे गए तो वे फर्जी निकले। दोनों युवकों को पुलिस (Gwalior Police) के हवाले कर दिया गया है। संभावना जताई जा रही है कि कोई बड़ा गिरोह इसमें सक्रिय हो सकता है।

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ग्वालियर चंबल अंचल के सबसे बड़े अस्पताल समूह जयारोग्य अस्पताल के अधीक्षक डॉ आर के एस धाकड़ ने
आज अस्पताल में नौकरी करते दो फर्जी कर्मचारियों को पकड़ लिया। अधीक्षक डॉ धाकड़ ने एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ (MP Breaking News) से बात करते हुए कहा कि जब वे JAH की OPD माधव डिस्पेंसरी के निरीक्षण पर थे तो उनकी नजर प्लास्टर रूम में काम कर रहे दो संदिग्ध व्यक्तियों पर पड़ी। दोनों वहाँ नौकरी करते मिले।

उन्होंने जब उनसे परिचय पूछकर उनका नियुक्ति पत्र मांगा तो युवकों के पास मौजूद परिचय पत्र देखकर अधीक्षक डॉ धाकड़ का माथा ठनक गया। उन्होंने कहा कि ये नियुक्ति पत्र उनके कार्यालय से जारी नहीं हुआ ये फर्जी है। उन्होंने पुलिस को बुलाकर युवकों को पुलिस के हवाले कर दिया। डॉ धाकड़ का कहना है कि मामले कि जांच अब पुलिस करेगी। उधर वे भी प्लास्टर रूम इंचार्ज और उस नर्स को नोटिस देकर पूछताछ करेंगे जिनके साथ ये दोनों लड़के काम कर रहे थे।

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उधर कंपू पुलिस थाने के एस आई महेंद्र कुमार ने बताया कि पकड़े गए लड़कों ने अपने नाम मोहित कुलश्रेष्ठ और अजीत राजपूत बताये हैं। मोहित ग्वालियर का रहने वाला है जबकि अजीत भरतपुर राजस्थान (Rajasthan) का रहने वाला हैं। ये लोग दो तीन महीने से काम कर रहे थे। युवकों का कहना है कि अन्नू लोधी नामक युवक ने उनसे एक लाख बीस हजार रुपये लिए हैं और ये नियुक्ति पत्र दिया हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने अंदेशा जताया है कि अन्नू लोधी की गिरफ्तारी के बाद कोई बड़ा खुलासा भी हो सकता है।

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