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विद्यार्थियों के लिए जरूरी खबर, गर्मी को देखते हुए स्कूलों का समय बदला, अब इतने बजे से लगेंगे, आदेश जारी

Written by:Atul Saxena
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मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में अभी मार्च के अंत में ही तापमान 34 - 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास है इसके जल्दी ही और बढ़ने की संभावना है जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है, अब स्कूल 1:30 के बाद तक नहीं लग सकेंगे।  
विद्यार्थियों के लिए जरूरी खबर, गर्मी को देखते हुए स्कूलों का समय बदला, अब इतने बजे से लगेंगे, आदेश जारी

Gwalior News : ग्वालियर की सर्दी और ग्वालियर की गर्मी दोनों ही तकलीफ देने वाली होती हैं, सर्दी के दिनों में जहाँ तापमान नीचे गिरकर 4-5 डिग्री के आसपास चला जाता है वहीं गर्मियों  में तापमान बढ़कर 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तक चला आजाता है, मौसम में आये बदलाव को देखते हुए जिला प्रशासन स्कूलों के समय में बदलाव करता है, इसी क्रम में एक बार फिर स्कूलों का समय बदला गया है।

इन दिनों अधिकांश स्कूलों में परीक्षाएं चल रही है, लोकल परीक्षाओं के साथ साथ बोर्ड एक्जाम भी जारी हैं और जिनकी परीक्षाएं समाप्त हो गई हैं वे बच्चे छुट्टी का आनंद उठा रहे हैं, इस बीच कई स्कूलों ने छुट्टियों की भी घोषणा कर दी है जिससे वे नए सत्र के लिए एडमिशन प्रोसेस कर सकें।

DEO ने जारी किया नया टाइम टेबल 

ग्वालियर में भी परीक्षाएं, छुट्टियाँ, एडमिशन सब चल रहे है, अलग अलग स्कूल अपने टाइम-टेबल के मुताबिक व्यवस्था बनाये हुए है इस बीच जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों के समय में परिवर्तन करने का देश जारी किया है, DEO ने प्ले ग्रुप से कक्षा 2 तक और कक्षा 3 से 12 तक अलग अलग दो टाइम टेबल घोषित किये है।

1 अप्रैल से प्रभावी होगा नया आदेश  

ग्वालियर जिला शिक्षा अधिकारी आदर्श कटियार ने कलेक्टर रुचिका चौहान के अनुमोदन के बाद आदेश जारी किया है कि गर्मी के मौसम को देखते हुए अब से कक्षा नर्सरी से कक्षा 2 तक के स्कूल सुबह 9 बजे से  दोपहर 1 बजे तक और कक्षा 3 से कक्षा 12 तक के स्कूल सुबह 8 बजे से 1:30 बजे तक लगेंगे,  ये आदेश 1 अप्रैल से प्रभावी होगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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