खाद्य विभाग की टीम ने नकली घी बनाने वाली फैक्ट्री पर मारा छापा, सेंपल जाँच के लिए भेजे

फ़ूड इंस्पेक्टर ने कहा पुलिस को यहाँ नकली घी बनाने की सूचना मिली थी हम जाँच कर रहे हैं लाइसेंस चैक कर रहे हैं, जो तैयार प्रोडक्ट मिला है उसके सेंपल लिए जा रहे हैं।
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 Gwalior News : ग्वालियर में खाद्य विभाग की एक टीम ने एक फैक्ट्री पर मार कार्रवाई कर नकली देशी घी जैसा पदार्थ बरामद किया है, हालाँकि फैक्ट्री मालिक ने इसे घी कहने से इंकार किया है, उन्होंने बताया कि वे घी नहीं बनाते, ये माइल्ड फेट है उनके पास इसे बनाने का लाइसेंस है।

ग्वालियर पुलिस को रानीपुरा क्षेत्र में एक फैक्ट्री में नकली घी बनाने की सूचना मिली थी, पुलिस ने इस सूचना पर खाद्य विभाग को सूचित किया, उसके बाद खाद्य विभाग की टीम ने छापा मार कार्रवाई की, उसे वहां बड़ी मात्रा मे रैपर, खाली डिब्बे, ढक्कन और कुछ तैयार माल भी मिला।

जयश्री ब्रांड के रैपर सहित तैयार प्रोडक्ट मिला 

खाद्य विभाग की टीम ने जब फैक्ट्री की चैकिंग की तो उसे वहां जयश्री सहित एक अन्य ब्रांड के रैपर मिले जिस पर कुकिंग मीडियम लिखा मिला, टीम को 200 एमएल, 500 एमएल के पैक मिले जिसपर मेन्युफेक्चरिंग और एक्सपायरी डेट का उल्लेख नहीं दिखा।

मालिक बोले , ये घी नहीं है माइल्ड फेट है, लाइसेंस है मेरे पास 

मालूम चला है कि फैक्ट्री को सुनील शर्मा और सुनील अग्रवाल संचालित कर रहे थे, मीडिया ने जब सुनील शर्मा से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि ये घी नहीं है ये माइल्ड फेट है जिसका लाइसेंस मेरे पास है ये डालडा रिफाइंड से बनता है और पूजा में प्रयोग होता है।

खाद्य विभाग ने जाँच के लिए सेंपल भेजे 

उधर छापामार टीम में शामिल फ़ूड इंस्पेक्टर ने कहा पुलिस को यहाँ नकली घी बनाने की सूचना मिली थी हम जाँच कर रहे हैं लाइसेंस चैक कर रहे हैं, जो तैयार प्रोडक्ट मिला है उसके सेंपल लिए जा रहे हैं।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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