ग्रामीण क्षेत्र में अशोक सिंह का दबदबा तो शहर में विवेक बना रहे माहौल

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ग्वालियर। मतदान की तारीख जैसे जैसे नजदीक पहुंच रही है ग्वालियर लोकसभा सीट पर प्रचार तेजी पकड़ रहा है। 12 मई को होनो वाले मतदान के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के उम्मीदवार जी जान लगा रहे हैं। लेकिन अभी जो तस्वीर उभर कर सामने आ रही है उस हिसाब से ग्वालियर लोकसभा सीट की आठ विधानसभाओं में से ग्रामीण क्षेत्र की 5 विधानसभाओं में कांग्रेस के अशोक सिंह ने पकड़ मजबूत कर ली ही वहीं शहरी क्षेत्र की 3 विधानसभाओं में भाजपा प्रत्याशी विवेक शेजवलकर माहौल बना रहे हैं।

पिछले तीन लोकसभा चुनाव हार चुके अशोक सिंह के लिए ये चुनाव आर या पार की लड़ाई बन गया है। बहुत मुश्किल के बाद कांग्रेस के सभी गुटों के नेताओ को मनाने के बाद टिकट हासिल कर सके अशोक सिंह अब अपना पूरा ध्यान चुनाव प्रचार पर लगा रहे हैं। उन्होंने अपनी पूरी ताकत ग्रामीण  क्षेत्र में झोंक दी है । पिछले कुछ दिनों के प्रचार में अशोक सिंह ने घूम घूम कर ग्रामीण क्षेत्र की पांच विधानसभाओं ग्वालियर ग्रामीण, भितरवार,डबरा, करैरा और पिछोर में अच्छी  पकड़ बना ली है इन विधानसभाओं में भाजपा प्रत्याशी की स्थिति से तुलना की जाए तो मामला अशोक सिंह के फेवर में 70 —30 का हो रहा है। यानि ग्वालियर जिले की तीन और शिवपुरी जिले की दो विधानसभाओं में कांग्रेस ने गुटबाजी के बावजूद अपने प्रत्याशी के लिए रास्ता आसान कर दिया है। उधर भाजपा प्रत्याशी विवेक शेजवलकर भी ग्रामीण क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मेहनत कर रहे हैं लेकिन शहर का महापौर होने के नाते उन्हें उतना रिस्पोंस नहीं मिल रहा। इसके अलावा वे ग्वालियर के शहरी क्षेत्र की तीन विधानसभाओं ग्वालियर दक्षिण,ग्वालियर पूर्व और ग्वालियर विधानसभा में धीरे धीरे पकड़ बना रहे हैं। यहां उन्हें सजातीय वोटर का भी लाभ मिल रहा है। इन तीनों विधानसभाओं में वे आज की स्थिति में कांग्रेस प्रत्याशी पर भारी पड़ रहे हैं। हालांकि अभी प्रचार थमने में बहुत समय है ऐसे में आज से शुरु हुए कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के दौरे और कल होने वाली पीएम मोदी की सभा पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में कितना माहौल बनाती है ये तो समय ही बताएगा।