सांसद बनकर पहली बार मोतीझील प्लांट पहुंचे महापौर शेजवलकर, अधिकारियों को दिए साफ़ पानी सप्लाई के निर्देश

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ग्वालियर । महापौर से सांसद बने विवेक नारायण शेजवलकर ने आज मोतीझील एवं तिघरा फिल्ट्रेशन प्लांट का निरिक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि  शहर में नागरिकों को मोतीझील एवं तिघरा से शुद्व एवं पर्याप्त पेयजल प्राप्त हो इसके लिए निगम के अधिकारी नियमित माॅनिटरिंग करें तथा इसकी जानकारी शहर के लोगों को भी हो इसके लिए पानी सप्लाई व्यवस्था का डिस्पले करने की व्यवस्था करें जिससे विभिन्न स्थानों पर सप्लाई होने वाले पानी में पीपीएम एवं क्लोरीन की मात्रा की जानकारी सभी को मिल सके।  उन्होंने कहा कि तिघरा से कितना पानी लिया जा रहा है, तथा कितना पानी शहर में कितना पानी सप्लाई किया जा रहा है, इसका भी डिसप्ले होना चाहिए। 

 श्री शेजवलकर ने सम्बंधित अधिकारियों से जानकारी ली कि शहर में कहीं साफ पानी आ रहा है, तो कहीं से पीला पानी आने की शिकायत मिल रही है। इसका क्या कारण हैै। इसको लेकर अधीक्षण यंत्री आर एल एस मौर्य ने बताया कि पहले तिघरा जलाशय से सीधा पानी आता था जो कि अधिक गहराई से पानी ले रहे थे, इसमें और भी कई तकनीकी कारण थे जिससे पानी पीला हो रहा था, लेकिन अब बैलेंसिंग टैंक के माध्यम से पानी दे रहे हैं जिससे पीले पानी की समस्या खत्म हो गई है। श्री मौर्य ने बताया कि प्लांट पर प्रति घंटे पानी की सेंम्पलिंग की जा रही है। इसके साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमित माॅनीटरिंग की जा रही है। शहर में सप्लाई किया जा रहा पानी पूर्णता शुद्व एवं मानकों के अनुरुप है। श्री शेजवलकर ने पानी का परीक्षण देखा तथा क्लोरीन मीटर से होने वाली पानी की जांच का भी अवलोकन किया। मोतीझील प्लांट पर बने 12 फिल्टर टैंको का निरीक्षण करते हुए, अधीक्षण यंत्री श्री मौर्य ने बताया कि 4 टैंकों के फिल्डर मीडिया बदले जा चुके हैं तथा शेष 8 टैंकों के फिल्डर मीडिया बदलने का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।  निरीक्षण के दौरान मेयर इन कांउसिल  के सदस्य धर्मेन्द्र राणा, पार्षद दिनेश दीक्षित, नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन,  अधीक्षण यंत्री पीएचई आर.एल.एस. मौर्य, सहायक यंत्री एवं उपयंत्री उपस्थित रहे।  बहरहाल अब देखना ये होगा कि महापौर रहते हुए विवेक शेजवलकर ने कई बार मोतीझील प्लांट का निरीक्षण किया लेकिन वे शहर के लोगों को साफ़ पानी नहीं पिला सके लेकिन अब सांसद बनकर वे मोतीझील पहुंचे है इसका क्या असर होता है।