Gwalior News : रानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर लगेगा दो दिवसीय बलिदान मेला, आज हुआ भूमिपूजन

इस वर्ष का वीरांगना सम्मान प्रख्यात समाज सेविका मीनाक्षी ताई पिसवे को दिया जा रहा है। वही शहीदों के परिजनों का भी यहां सम्मान किया जाएगा।

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Gwalior News : ग्वालियर में रानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर पिछले 25 सालों से आयोजित हो रहा वीरांगना लक्ष्मीबाई बलिदान मेला इस बार भी दो दिवसीय होगा। मेला संयोजक पूर्व मंत्री जयभान सिंह की मौजूदगी में आज संतों ने मेले के लिए भूमिपूजन किया।

इस महानाट्य में दर्शाया जाएगा वीरांगना लक्ष्मीबाई का जीवन चरित्र

पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया ने बताया कि कल सोमवार को झांसी के किले से शहीद ज्योति यहां फूल बाग चौराहे पर आएगी और पैदल मार्च के जरिए मेला आयोजन स्थल पर स्थापित की जायेगी। बलिदान मेले में प्रख्यात संत उत्तम स्वामी महाराज और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय विशेष रूप से शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इस बार का वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई मेला इसलिए खास है कि यह अपने रजत वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है। साल 2000 से ग्वालियर में यह आयोजन किया जा रहा है। इसमें वीरांगना लक्ष्मीबाई के शस्त्रों की प्रदर्शनी लगाई जाती है। वहीं देश प्रेम और वीररस से ओतप्रोत कवि सम्मेलन किया जायेगा जिसमें प्रख्यात कवि हरि ओम पवार सहित अन्य कई प्रसिद्ध कवि रचना पाठ करेंगे। इस बार भी ढाई सौ पात्रों से सुसज्जित एक महा नाट्य का मंचन किया जाएगा। जिसमें घोड़े ऊंट बग्घी का जीवंत चित्रण होगा। इस महानाट्य में वीरांगना लक्ष्मीबाई के जीवन चरित्र को दर्शाया जाएगा।

जयभानसिंह पवैया ने कहा कि इस वर्ष का वीरांगना सम्मान प्रख्यात समाज सेविका मीनाक्षी ताई पिसवे को दिया जा रहा है। वही शहीदों के परिजनों का भी यहां सम्मान किया जाएगा।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट


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Amit Sengar

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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”

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