ग्वालियरअतुल सक्सेना।

CAA, NRC और NPR के विरोध में आयोजित ग्वालियर बंद का असर मिला जुला देखने को मिला। शहर में दुकानें खुली रहीं, आवागमन के साधन सुचारु रूप से चलते रहे। इस दौरान पुलिस चप्पे चप्पे पर नजर रखे हुई थी।

बहुजन क्रांति मोर्चा के बैनर पर आयोजित ग्वालियर बंद में एक दर्जन से ज्यादा संगठनों के शामिल होने का दावा किया गया था लेकिन अधिकांश संगठनों ने इस दावे को खारिज कर दिया जिसका असर ये हुआ कि बंद प्रभावी नहीं रहा। हालांकि पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए हुए थे। शहर के चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात थी। सोशल मीडिया पर आयोजकों। द्वारा फूलबाग चौराहे पर इकट्ठा होने की अपील के चलते फूलबाग चौराहे पर दो आईपीएस अधिकारी तीन। डीएसपी 13 इंस्पेक्टर और सवा सौ जवान सुबह से तैनात थे। पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन ने सख्त हिदायत दी थी कि कोई भी कानून का उल्लंघन करते पाया गया तो उसके खिलाफ तुरंत एक्शन लिया जाए। आयोजकों से भी कहा गया था कि वो अपना विरोध शांति पूर्ण तरीके से करे। जिसका परिणाम ये हुआ कि बंद शांतिपूर्ण रहा।