मौसम की मार: ग्वालियर-चंबल में बारिश के साथ गिरे ओले, फसलों को भारी नुकसान

ग्वालियर।अतुल सक्सेना। शनिवार की रात अचानक हुई बारिश और ओलों ने खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल का नुकसान किया। इस दौरान कई जगह फसल खेतों में ही बिछ गई । अब किसानों को ये चिंता सता रही है कि यदि तेज धूप निकली तो सरसों की फली चटक जायेगी और उत्पादन में भारी कमी हो जायेगी।

शनिवार को अंचल के आसमान पर दिन भर चटख धूप रही। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री दर्ज किया गया। लेकिन शाम होते होते आसमान पर बादल छा गए और रात होते ही ये बरस गए। ग्वालियर में जहाँ तेज बारिश शुरू हुई तो भिंड और मुरैना में बारिश के साथ ओले भी गिरे, कहीं बेर तो कहीं मटर के आकार के ओले खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल पर गिरे जिसे फसल लेट गई। अंदाजा लगाया जा रहा है कि इससे फसल को करीब 20 से 40 प्रतिशत नुकसान हुआ होगा हालांकि सही आकलन सर्वे के बाद ही हो सकेगा। बारिश और ओलों। से मुरैना के करीब 50 गाँव और भिंड के 80 गाँव प्रभावित हुए हैं। उधर सरसों की फसल वाले किसानों को अब चिंता इस बात की है कि यदि धूप निकली तो फली चटक जायेगी और उत्पादन घट जायेगा। कृषि वैज्ञानिक भी मानते हैं कि धूप का असर पकी हुई सरसों की फली पर होगा लेकिन जिस फली में नमी है उसमें अपेक्षाकृत कम नुकसान होगा। वैज्ञानिक गेहूं में नुकसान नहीं मान रहे। उधर मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से ऐसा हुआ है और इसका असर अभी एक दो दिन और रहेगा। ओले और बारिश की संभावना बनी हुई है।