लक्ष्मीबाई की समाधि पर लगे शिलालेख को भ्रामक बता हिन्दू सेना ने पोती स्याही

ग्वालियर । पूरा देश आज रानी लक्ष्मीबाई की जयंती मन रहा है ग्वालियर में भी कार्यक्रम आयोजित हुए लेकिन शाम होते होते हिन्दू सेना ने  रानी लक्ष्मी बाई के समाधि स्थल पर पहुंचकर हंगामा कर दिया। यहां लगे शिलालेख पर लिखी जानकारी को भ्रामक बताते हुए हिन्दू सेना ने उसपर स्याही पोत दी। ख़ास बात ये रही कि इस दौरान वहां मौजूद पुलिस मूक दर्शक बनी रोकने की औपचारिकता निभाती रही। हालांकि अब वारिष्ठ अधिकारी वीडियो फुटेज के आधार पर कार्रवाई की बात कह रहे हैं। 

अंग्रेजों के दांत खट्टे कर देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाली झांसी की रानी  लक्ष्मी बाई का समाधि स्थल ग्वालियर में हैं क्योंकि यही उन्होंने अंतिम सांस ली थी। सदियों से लोग यहां उन्हें नमन करने आते हैं आज उनके जन्मदिवस के मौके पर भी कई संगठनों ने उन्हें याद किया। लेकिन हिन्दू सेना ने यहां लगे एक शिलालेख के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। हिन्दू सेना के कार्यकर्ता समाधि स्थाप पर पहुंचे उन्होंने पहले रानी को श्रद्धा सुमन अर्पित किये फिर शिलालेख पर स्याही पोत दी। हालांकि यहाँ पड़ाव थाने का पुलिस बल मौजूद था लेकिन पुलिस ने हिन्दू सेना के कार्यकर्ताओं को रोकने की औपचारिकता पूरी की और  उन्हें स्याही पोतने दी। हिन्दू सेना के जिला अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने आपत्ति जताते हुए कहा कि शिलालेख में रानी लक्ष्मीबाई के बारे में भ्रामक और गलत जानकारी लिखी है। उन्हें अंग्रेजों का मित्र बताया है जबकि इतिहास जानता है कि रानी ने ही अंग्रेजों के दांत खट्टे किये थे शिलालेख में इसके साथ ही कई अन्य तथ्य भी भ्रामक है। इसलिए हम। इसपर स्याही पोतकर सांकेतिक रूप से मिटा रहे है। संजय अग्रवाल ने चेतावनी दी कि यदि 7 दिनों में पुरातत्व विभाग ने ये शिलालेख नहीं बदला तो हिन्दू सेना खुद नया शिलालेख लगाएगी। उन्होंने पुरातत्व विभाग के नाम एक ज्ञापन भी इस मौके पर दिया। उधर पुरातात्विक महत्त्व की संपत्ति से छेड़छाड़ पर रोक के बावजूद पुलिस की मौजूदगी में शिलालेख पर स्याही पोते जाने के सवाल पर सीएसपी रजत सखलेचा का कहना है कि पुलिस ने रोकने का प्रयास किया था । हमने वीडियो  रिकॉर्डिंग कराई है और यदि कुछ भी आपातिजनक हुआ तो नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी।

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