कंडम घोषित बिल्डिंग में सेन्ट्रल दवा स्टोर, तापमान मापने का यंत्र नहीं, एक फ्रिज के भरोसे दवाइयां

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ग्वालियर। ग्वालियर चम्बल संभाग  के सबसे बड़े अस्पताल जयारोग्य अस्पताल की अव्यवस्थाएं दूर होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। मंत्री  और विधायक कई बार अस्पताल का निरीक्षण कर निर्देश दे चुके हैं लेकिन उसका कोई असर नहीं होता।  

विधायक मुन्नालाल गोयल ने एक बार फिर अस्पताल का निरीक्षण किया. ये निरीक्षण पिछले निरिक्षण का पुनरावलोकन था।  यानि वो ये देखने पहुंचे थे कि पिछले निरीक्षण के दौरान उन्होंने जो निर्देश दिए थे उनका कितना पालन हुआ। विधायक श्री गोयल 11 बजे जब ओपीडी में पहुंचे तो वहां मरीजों की लम्बी-लम्बी कतारें लगीं थी ये देखकर उन्होंने वहां से वहां से अधीक्षक डॉ. अशोक मिश्रा को फोन लगाया  और वहां बुलाया। अधीक्षक के आने के बाद विधायक श्री गोयल ने कहा कि पूर्व निरीक्षण के दौरान मैंने अस्पताल में एच.आई.एम.एस (हॉस्पीटल इन्फोर्मेशन एण्ड मेनेजमेंट सिस्टम) को लागू करने के विषय में निर्देश दिये थे उसका क्या हुआ ?  जवाब में अधीक्षक  ने अनभिज्ञता जाहिर की एवं कहा कि इसको मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. भरत जैन देख रहे हैं । विधायक श्री गोयल ने कहा कि इस सम्बन्ध में मैंने सम्भागीय आयुक्त से भी चर्चा की थी उन्होंने भी कहा था कि यह सिस्टम जल्दी से जल्दी जयारोग्य अस्पताल में लगाया जाना मरीजों के हित में होगा । उन्होंने नाराजगी जताते हुए इसे शीघ्र शुरू करने  निर्देश दिए।  इसके बाद विधायक श्री गोयल ने आई.टी.एस.सी. कम्पनी भोपाल के सुपरवाईजर से फोन पर चर्चा की उन्होंने बताया कि इस सिस्टम के लिये जून  2018 में निरीक्षण किया जा चुका है, मेडिकल कमिश्नर  भोपाल ने 1 करोड़ 73 लाख रूपये का फण्ड स्वीकृत किया है ।  प्रस्ताव मेडिकल कॉलेज को दिया जा चुका है ये जानकारी मिलने के बाद विधायक श्री गोयल ने डीन डॉ. भरत जैन को फोन लगाया और उनसे इस सिस्टम की प्रगति के बारे में जानकारी ली । डॉ. भरत जैन ने कहा कि यह सिस्टम जल्दी ही लागू कर दिया जायेगा।

क्या है एच.आई.एम एस. सिस्टम ? 

इस सिस्टम के अंतर्गत प्रत्येक मरीज को एक यूनिक आई.डी नम्बर मिलेगा और उस नम्बर के मिलने के बाद वह कभी भी किसी भी डॉक्टर से जब संपर्क करेगा तो उस नम्बर से उस मरीज की पूरी केस हिस्ट्री  निकल कर आयेगी । मरीज को बार-बार लाइन  में नहीं लगना पड़ेगा । ओ.पी.डी. में लगने वाली भीड़ नियंत्रित रहेगी । प्रत्येक मरीज को यह यूनिक आई.डी नम्बर अस्पताल से मिल जायेगा । एक बार नम्बर मिलने के बाद कभी भी वह मरीज इस नम्बर से अपनी जांच करवा सकता है ।  यह सिस्टम मध्यप्रदेश के अन्य सभी मेडिकल कॉलेज में लागू हो चुका है । 

ओ. पी.डी. के बाद विधायक श्री गोयल सेंट्रल दवा स्टोर में ड्रग इंस्पेक्टर अजय ठाकुर के साथ पहुंचे । जब टीम निरीक्षण के लिए पहुंची तो पता चला कि स्टोर जिस बिल्डिंग में है जिसमें सारी दवाईयां रखी जातीं हैं  एवं वहीं पूरा स्टाफ मौजूद रहता है उस बिल्डिंग को कई वर्ष पूर्व पी.डब्ल्यू.डी द्वारा कन्डम घोषित किया जा चुका है  वह कभी भी गिर सकती है । विधायक  ने इस पर अधीक्षक  श्री मिश्रा से बात कर उन्हें  जीवन रक्षक दवाईयों के संरक्षण हेतु नवीन ड्रग स्टोर के लिए नवीन बिल्डिंग का प्रस्ताव तैयार करने  निर्देश दिए।   श्री गोयल ने वस इस सम्बन्ध में  चिकित्सा शिक्षा मंत्री से चर्चा करेंगे और मुख्यमंत्री को भी इस संदर्भ में अवगत कराया जायेगा । स्टोर के निरीक्षण के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आईं।  यह देखा गया कि जिन दवाओं को उचित तापमान पर रखना है उसके लिये सिर्फ एक फ्रिज मौजूद है जो कि कन्डम हालत में था । तापमान जांचने के लिये कोई तापमान मापक यंत्र वहॉं उपलब्ध नहीं था । जबकि रेबीज एवं कैंसर की वेक्सीन को एक निश्चित तापमान पर रखना अनिवार्य है । गंदगी का आलम यह था कि वहॉं बैठना तो दूर खड़ा होना मुशिकल था । विधायक श्री गोयल ने इस संदर्भ में संभागीय आयुक्त से फोन पर चर्चा की और व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार हेतु जरूरी कदम उठाने के लिये कहा ।