जरा यहाँ भी गौर कीजिये साहब, ऐसे कैसे स्मार्ट बनेगा शहर …

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ग्वालियर।  देश के स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल ग्वालियर शहर की सूरत बदलने के लिए स्मार्ट सिटी कम्पनी करोड़ों रुपये खर्च कर रही है।  जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों की देखरेख में बहुत से काम चल रहे हैं. इनमें ऐतिहासिक इमारतों और पार्कों का रिनोवेशन आदि शामिल है लेकिन बुनियादी सुविधाओं की तरफ किसी का ध्यान नहीं है।  

स्मार्ट सिटी कम्पनी को केंद्र सरकार से करोड़ों रुपए का बजट मिला है, उसे प्लानिंग कर खर्च किया जाना है।  इनमें शहर को  खूबसूरत बनाने के साथ साथ जनता से जुडी सुविधाओं पर विशेष फोकस करना है।  स्मार्ट सिटी कम्पनी काम तो तेजी से कर रही है लेकिन अभी भी बहुत सी बुनियादी जरूरतें हैं जिसपर उसका ध्यान नहीं है।  गौरतलब है कि  महाराज बाड़ा शहर का मुख्य व्यापारिक केंद्र है।  यहाँ चारों तरफ शहरवासियों की जरूरतों को पूरा करने वाले बाजार हैं जिसके चलते हजारों लोग यहाँ रोज शॉपिंग करने आते हैं लेकिन विशेष बात ये है कि इस परिक्षेत्र में एक भी पब्लिक टॉयलेट नहीं है। टॉयलेट नहीं होने से लोग यहाँ वहां कोने पकड़ते हैं और गंदगी करते हैं।  

स्मार्ट सिटी कम्पनी ने लगभग 70 लाख रुपये खर्च कर महाराज बाड़े पर बने ऐतिहासिक टाउन हॉल को रिनोवेट कराया।  इसकी दीवारों को कैमिकल ट्रीटमेंट देकर खूबसूरत बनाया लेकिन महाराज बाड़े पर टॉयलेट के ना होने से लोगों ने इसकी ही दीवार को ओपन टॉयलेट बना दिया। लोग यहाँ बेहिचक टॉयलेट करते है और उन्हें न कोई रोकता है ना कोई टोकता है और लोग खुलेआम स्वच्छता अभियान की खिल्ली उड़ाते हैं। पिछले कई वर्षों से महाराज बाड़ा परिक्षेत्र में ही स्थित ऐतिहासिक गवर्मेंट प्रेस की दौलतगंज साइड की दीवार को लोगों ने ओपन टॉयलेट बना रखा था , लेकिन विरोध के बाद स्वच्छता अभियान के तहत कुछ महीनों पहले नगर निगम ने यहाँ अस्थाई टॉयलेट रखवा दिए लेकिन उसकी नियमित सफाई और उचित देखरेख के अभाव के चलते लोगों ने उसका इस्तेमाल करना छोड़कर फिर से दीवार का ही इस्तेमाल शुरू कर दिया। नतीजा ये है कि  टॉयलेट्स के सामने के दुकानदार और यहाँ से निकलने वाले लोग सभी बदबू से परेशान  हैं। लेकिन ना तो स्मार्ट सिटी कम्पनी को, ना जिला प्रशासन को और ना ही नगर निगम के अधिकारियों को ये सब दिखाई देता है।  हालाँकि स्मार्ट सिटी कम्पनी के सीईओ महीप तेजस्वी का कहना है कि यदि कोई ओपन टॉयलेट करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। हम किसी को ओपन में गंदगी नहीं करने देंगे।