फुटबॉल बना कम मतदान का मामला, एक दूसरे पर फोड़ रहे हैं ठीकरा

ग्वालियर जिले की तीन शहरी विधानसभा और एक ग्रामीण विधानसभा से लगे नगरीय क्षेत्र में कम मतदान ने सत्ताधारी दल के नेताओं की नींद उड़ा दी है

nagriy nikay chunav 2022

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। ग्वालियर नगर पालिका निगम सहित सात नगरीय निकायों में कम रहा मतदान प्रतिशत (Low voting in urban body elections) चिंता और चिंतन का विषय बनता जा रहा है। मतदाता तक मतदान पर्चियां नहीं पहुंचना एक बहुत बड़ी खामी के रूप में सामने आई साथ ही कई मतदाता ऐसे भी रहे जो पिछले कई चुनावों से वोट डालते चले आ रहे थे लेकिन इस बार उनका नाम ही वोटर लिस्ट से गायब हो गया। इन सब गड़बड़ियों के चलते नतीजा ये हुआ कि वोटिंग प्रतिशत 50 तक भी  नहीं पहुंच पाया। अब नेता ठीकरा फोड़ने की तैयारी में लगे हैं।

ग्वालियर (Gwalior News) जिले की तीन शहरी विधानसभा और एक ग्रामीण विधानसभा से लगे नगरीय क्षेत्र में कम मतदान ने सत्ताधारी दल के नेताओं की नींद उड़ा दी है, तत्काल एक्शन में आई भाजपा ने राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर इसपर सवाल किया।  मतदाता पर्चियां घरों तक नहीं पहुंचने के लिए निर्वाचन आयोग को जिम्मेदार बताया और सम्बंधित BLO के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

यहाँ एक बात सही है कि निर्वाचन आयोग के निर्देश थे कि मतदाता पर्चियां घर घर पहुंचें , इसके लिए ग्वालियर में BLO भी बनाये गए, जिला प्रशासन के कार्यालय के स्टाफ सहित नगर निगम का स्टाफ भी लगाया गया फिर भी मतदाता तक पर्ची नहीं पहुंची, मतदान से दो दिन पूर्व एक लिंक जारी हुई जिसमें वोटर कार्ड नंबर डालने से आपको आपका मतदान केंद्र पता चल जाने की बात कही गई।

मतदाता की नजर में गलती निर्वाचन आयोग की 

बहुत से मतदाता ने जब लिंक की मदद से अपना मतदान केंद्र पता करना चाहा तो कभी लिंक ओपन हुई कभी नाम नहीं मिला, ग्वालियर दक्षिण विधानसभा के वार्ड 49 में रहने वाले मतदाता अमित सक्सेना 50 वर्ष से ऊपर की आयु के हैं , उनके ये पैतृक निवास है, यहीं जन्मे हैं , नगर निगम, विधानसभा, लोकसभा सभी में मतदान करते आये हैं लेकिन इस बार उनके नाम लिस्ट से गायब हो गया, जबकि परिवार के  अन्य सदस्यों के नाम वोटर लिस्ट में थे , BLO से पूछा तो उसने कहा कि उसने कुछ बदलाव ही नहीं किया , ऑनलाइन चैक किया तो नाम ही नहीं मिला। अमित इसके लिए निर्वाचन आयोग (MP State Election Commission)को सबसे ज्यादा दोषी मानते हैं क्योंकि निर्वाचन के दौरान सभी कर्मचारी उसके अधीन होते है। उनका ये भी कहना है कि नेताओं को भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि मतदाता के पास पर्ची पहुंची कि नहीं, जैसे कुछ साल पहले तक होता था।

कांग्रेस का दावा भाजपा जनता का विश्वास खो चुकी है 

कम मतदान प्रतिशत को लेकर कांग्रेस निर्वाचन आयोग को नहीं मध्य प्रदेश की 18 साल की भाजपा सरकार और ग्वालियर में 57 साल की नगर सरकार को दोषी बता रही है। कांग्रेस (MP Congress) के प्रदेश प्रवक्ता आरपी सिंह का कहना है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व यहाँ आया, दो दो केंद्रीय मंत्री, राज्य सरकार के दो मंत्री फिर बहुत सारे वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री सब डेरा जमाये रहे लेकिन अपने ही वार्डों में प्रतिशत 50 प्रतिशत तक नहीं पहुंचा पाए। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने जनता का विश्वास खो दिया है इसलिए उदासीनता थी, अब ये लहर 2023 के विधानसभा चुनावों तक जाएगी। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा का अब मंथन का समय आ गया है , जिस तरह से वहां सिर फुटौवल है, जनता ने संकेत दे दिया है कि उसे अब विश्वास नहीं है, मुझे लगता है ये एक शॉकिंग फेक्टर है भाजपा के लिए जिसकी चिंता उसे अब  उसे परेशान कर रही है।

भाजपा का जवाब, परिणाम बताएगा जनता का विश्वास किसके साथ

उधर भारतीय जनता पार्टी (BJP Gwalior) अभी भी पूरे आत्म विश्वास से भरी हुई है। भाजपा के जिला अध्यक्ष कमल माखीजानी कांग्रेस का जवाब देते हुए कहते हैं कि कम मतदान का कारण मतदाता तक नहीं पहुंचना रहा जिसकी शिकायत हमें निर्वाचन आयोग में की है  और दोषी BLO के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जहाँ तक जनता के विश्वास का सवाल है तो कांग्रेस को परिणाम वाले दिन पता चल जायेगा जब भाजपा 50 से 52 वार्ड जीतेगी और महापौर पद भी जीतेगी।

बड़े नेताओं के वार्डों में कम मतदान पर जिला अध्यक्ष कमल माखीजानी का अजीब तर्क 

एक तरफ कम मतदान को लेकर भाजपा बैठकें कर रही है, मंथन कर रही है लेकिन जब उनके बड़े नेताओं के वार्ड में ही प्रतिशत कम रहने पर सवाल किया गया तो जिला अध्यक्ष कमल माखीजानी  ने अजीब तर्क दिया। उन्होंने कहा कि हमारे बड़े नेता जहाँ रहते हैं वहां हमेशा ही प्रतिशत कम रहता है, वो अधिकांश पॉश कॉलोनी हैं, जहाँ रहने वाले लोगों के बच्चे बाहर नौकरी करते हैं जो वोट डालने नहीं आ पाते, वे आगे जोड़ते हैं कि इन कॉलोनियों ने रहने वाले बहुत से सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर हो जाते हैं इसलिए वे भी वोट नहीं पाते।

एक नजर बड़े नेताओं के वार्डों के मतदान प्रतिशत पर 

  • केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, वार्ड 58 – मतदान प्रतिशत 38.43
  • केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, वार्ड 27 – मतदान प्रतिशत 49.84
  • भाजपा सांसद विवेक शेजवलकर, वार्ड 42 – मतदान प्रतिशत 49.06
  • ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, वार्ड 17 – मतदान प्रतिशत 38.77
  • कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक , वार्ड 39 – मतदान प्रतिशत 48
  • कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार , महापौर प्रत्याशी शोभा सिकरवार, वार्ड 57 – मतदान प्रतिशत 49.97

विधानसभा वार स्थिति 

  • ग्वालियर दक्षिण(कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक)  – मतदान प्रतिशत – 51
  • ग्वालियर (ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर) – मतदान प्रतिशत 49
  • ग्वालियर पूर्व (कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार) – मतदान प्रतिशत 43.7
  • ग्वालियर ग्रामीण (राज्य मंत्री भारत सिंह कुशवाह ) कुल 6 वार्ड , मतदान प्रतिशत 64