Lokayukta Action : 20,000 रुपये की रिश्वत लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, नामांतरण के लिए मांगी थी घूस

Lokayukta Action : लोकायुक्त पुलिस ने एक बार फिर एक रिश्वतखोर शासकीय कर्मचारी को रंगे हाथ पकड़ा है , ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने आज अशोकनगर जिले के पटवारी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है, आरोपी पटवारी एक किसान से उसकी जमीन का नामांतरण करने के बदले रिश्वत ले रहा था ।

किसान ने लोकायुक्त कार्यालय में की पटवारी की शिकायत 

ग्वालियर लोकायुक्त एसपी रामेश्वर यादव के मुताबिक सागर जिले के ग्राम पड़रई निवासी बाबू सिंह दांगी ने उनके कार्यालय में आवेदन दिया था कि उसने अशोक नगर जिले में जमीन खरीदी है जिसका नामांकन करने के बदले वहां पदस्थ पटवारी उससे रिश्वत की मांग कर रहा है।

जमीन नामांतरण के बदले पटवारी ने मांगी 20 हजार रुपये की रिश्वत  

आवेदक ने 9 अक्टूबर को दिए आवेदन में बताया कि उसने अशोकनगर जिले के नानोटी ग्राम में जमीन खरीदी है जिसका नामांतरण करने के लिए पटवारी हल्का नंबर 29 तहसील बहादुरपुर जिला अशोकनगर राजेश श्रीवास्तव उससे 20,000/- रुपये की मांग कर रहा है उसने पटवारी की आवाज अपने मोबाइल पर रिकॉर्ड कर ली है।

ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने की ट्रैप की प्लानिंग 

आवेदक के पास मौजूद रिकार्डिंग सुनने के बाद एसपी लोकायुक्त ने एक टीम गठित की और पटवारी को ट्रैप करने की प्लानिंग की, पटवारी ने आवेदक को अपने शासकीय आवास तुलसी कॉलोनी मुंगावली जिला अशोकनगर पर रिश्वत की राशि के साथ बुलाया था, ग्वालियर लोकायुक्त की टीम आज आवेदक को लेकर पटवारी राजेश श्रीवास्तव के निवास पर पहुंची।

शासकीय आवास पर रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार 

लोकायुक्त की टीम बाहर छिप गई और आवेदक बाबू सिंह को रिश्वत की राशि 20 हजार रुपये के साथ पटवारी राजेश श्रीवास्तव के शासकीय आवास पर भेजा, आवेदक ने पटवारी को रिश्वत के रुपये देकर इशारा कर दिया और बाहर खड़ी  ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने पटवारी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

Lokayukta Action : 20,000 रुपये की रिश्वत लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, नामांतरण के लिए मांगी थी घूस


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Atul Saxena

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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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