विश्वविद्यालय स्टूडेंट्स को नौकरी करने वाला नहीं देने वाला बनाएं: राज्यपाल

ग्वालियर । प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने कहा है कि विश्वविद्यालय को छात्र-छात्राओं को नौकरी करने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनाएं।  युवाओं के उद्यमी कौशल को विकसित करने की दिशा में तेजी के साथ कार्य किया जाना चाहिए। राज्यपाल श्री टंडन  मंगलवार को भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान ग्वालियर में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की मध्यप्रदेश कैट स्टेट गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।

राज्यपाल लालजी टंडन ने कहा कि बदलते परिवेश में सबको अपनी-अपनी भूमिका में देश के लिए योगदान देना चाहिए। विश्वविद्यालयों में रोजगारमूलक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। कैट की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खण्डेलवाल, प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र जैन एवं कैट के पदाधिकारी राजेश अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, राधेश्याम माहेश्वरी एवं रमेश गुप्ता सहित जीवाजी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस के राव, एमिटी विश्वविद्यालय के कुलपति ले. जनरल व्ही के शर्मा एवं आईआईटीटीएम के डायरेक्टर डॉ. राजेन्द्र साहू सहित गणमान्य नागरिक, व्यापारिक प्रतिष्ठानों से जुड़े लोग उपस्थित थे। राज्यपाल ने कहा कि आज पूरा देश डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ रहा है। हम सबको भी बदलते हुए परिवेश में डिजिटल इंडिया को अपनाना चाहिए। देश में व्यापारियों के उत्थान के लिए कार्य किया जा रहा है। छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कैट के माध्यम से ई-कॉमर्स को विश्वविद्यालय में शुरू करने का जो कार्य किया गया है, वह ऐतिहासिक कदम है। इसके माध्यम से विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को रोजगार भी उपलब्ध होगा। उन्होंने इस मौके पर पाँच सफल उद्यमियों को भी सम्मानित किया। जिन उद्यमियों को सम्मानित किया गया, उनमें श्रीमती गरिमा महेश्वरी, सतीश अग्रवाल, गिर्राज बंसल,  तरूण गोयल और जी डी लड्डा शामिल हैं।

 कार्यक्रम में कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खण्डेलवाल ने कैट की गतिविधियों के संबंध में विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा की दौड़ में छोटे व्यापारियों की समस्याओं के निदान हेतु भारत सरकार से कैट के प्रतिनिधियों ने चर्चा कर उनकी समस्याओं के निदान हेतु पहल की है। सरकार की ओर से भी छोटे व्यापारियों को 50 लाख रूपए तक का लोन देने, किसान क्रेडिट कार्ड की तरह ही व्यापारिक क्रेडिट कार्ड देने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही हर दुकानदार का बीमा सरकार कराए, इस बात की मांग भी की गई है। उन्होंने कहा कि बड़ी कंपनियों के माध्यम से अधिक डिस्काउण्ट और कम कीमतों में सामान की बिक्री से छोटे व्यापारियों को अनेक समस्यायें सामने आ रही हैं। इन समस्याओं के निदान हेतु संगठन निरंतर कार्य कर रहा है। 

श्री खण्डेलवाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों में ई-कॉमर्स के माध्यम से छात्र-छात्राओं को तैयार करने की गतिविधि भी तेजी से की जा रही है। इससे युवाओं को रोजगार उपलब्ध होगा, वहीं व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा। कार्यक्रम के प्रारंभ में मध्यप्रदेश कैट के अध्यक्ष भूपेन्द्र जैन ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में राज्यपाल से मुलाकात के पश्चात विश्वविद्यालयों में ई-कॉमर्स के क्षेत्र में कार्य प्रारंभ हुआ है। ग्वालियर में जीवाजी विश्वविद्यालय में इसकी शुरूआत की जा चुकी है। इसके माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

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