महापौर के निर्देश हवा में, अधिकारी करा रहे किरकिरी

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ग्वालियर।  शहर के लोगों को नगर निगम द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए रोज सुबह कड़ी सर्दी में अधिकारियों को लेकर वार्ड वार्ड घूम रहे महापौर के निर्देशों को नगर निगम के अधिकारी हवा में उड़ा रहे हैं। 

“आज की चाय आपके साथ” कार्यक्रम के तहत महापौर विवेक नारायण शेजवलकर बीती चार जनवरी से रोज सुबह आठ बजे अलग अलग वार्डों में पहुँच रहे हैं उनके साथ नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहते हैं।  महापौर वार्ड के निवासियों से उनकी परेशानियां पूछते हैं और फिर साथ में चल रहे अधिकारियों को तय समय सीमा में समस्या दूर करने के निर्देश देते हैं।  ऐसे ही कुछ निर्देश महापौर ने बीते शुक्रवार 18 जनवरी को वार्ड 55 के अवाड़पुरा में दिए थे।  जिस समय जनता की समस्या सुनने के बाद महापौर श्री शेजवलकर अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे उस समय अधिकारी हाथ में कॉपी, पेन लेकर यस सर,  यस सर कहकर भरोसा दिला रहे थे कि 15 दिन में सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी। 

यहाँ महापौर ने नाले में गंदगी, चौक पड़े सीवर, ओवरफ्लो होते नाले को देखकर क्षेत्र अधिकारी सहित स्वास्थ्य अमले के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाईं थी, जनता ने क्षेत्र में चार पानी की टंकियां होने के बावजूद पेयजल की समस्या बताई तो महापौर ने इसे तत्काल सुधरवाने के निर्देश  पीएचई अमले को दिए ।  महापौर ने उपायुक्त  अतिबल सिंह को अवाड़पुरा तिराहे पर नाली की सफाई और नाले के पटाव को 15  दिन में पूरा करने के निर्देश दिए जिससे सड़क पर पानी भरना बंद हो जाये।  लेकिन आज एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद  वार्ड 55 के हालत जस के तस हैं।  और लगभग यही हाल उन सभी वार्डों के हैं जहाँ महापौर विवेक शेजवलकर भ्रमण कर चुके हैं।  विशेष बात ये है कि  महापौर श्री शेजवलकर ने जो प्रोग्राम बनाया है उसके हिसाब से वे व्यवस्था सुधारने की तय समय सीमा के बाद फिर से उसी वार्ड का भ्रमण भी करेंगे जैसे वार्ड 55  में महापौर पांच फरवरी को  जाकर देखेंगे कि  उन्होंने जो निर्देश दिए थे उसका क्या हुआ।  लेकिन आज वार्ड 55 के जो हालात हैं उससे साफ लगता है कि पांच फरवरी तक बहुत कुछ सुधरने वाला नहीं है। अब इन हालातों से यही समझा जा सकता है कि ग्वालियर नगर निगम के अधिकारियों को महापौर के निर्देशों और शहर के लोगों की कोई परवाह नहीं है।  इसलिए वे बेफिक्र होकर उनके आदेशों को हवा में उड़ा देते हैं।  उधर नगर निगम से जुड़े लोग यह भी आशंका जता रहे हैं कि  कहीं ये महापौर के खिलाफ कोई साजिश तो नहीं ? इसीलिए जानबूझकर उनके निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं।