ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य गिरफ्तार, लोन दिलाकर कर लेते थे ट्रांसफर

ग्वालियर। राज्य साइबर पुलिस जोन ग्वालियर  ने ऑनलाइन ठगी करने वाले शातिर गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है । ये लोग गरीब और कम पढ़े लिखे लोगों को लोन दिलवाकर अपने खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर लेते थे।  पुलिस इनके कड़ी पूछ ताछ कर रही है। पुलिस  को अंदेशा है कि इनके तार कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं।

पुलिस अधीक्षक राज्य साइबर पुलिस जोन ग्वालियर विवेक शाहवाल के मुताबिक ये शातिर ठग इंडिया बुल्स कंपनी से लोन दिलाने के नाम पर अब तक  लाखों की ठगी कर चुके हैं  । उन्होंने बताया कि एक महिला ने उसके साथ हुई ऑनलाइन ठगी की शिकायत साइबर पुलिस में की। पुलिस ने जब इसकी तहकीकात शुरू की तो  चौंकाने वाली बातें सामने आई। पुलिस अपने तरीके से एक गिरोह तक पहुंची और गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पकड़ में आये तीन आरोपियों में से दो ग्वालियर के हैं और एक उत्तरप्रदेश का है। एसपी के मुताबिक आरोपियों माधव वैश्य, श्वेतांक गहलोत और मंजीत देहल से पूछ ताछ में खुलासा हुआ कि वो  पहले ऐसे गरीब और कम पढ़े लिखे लोगों का पता लगाते थे जिन्हें लोन की जरुरत होती। फिर उए इण्डिया बुल्स कम्पनी से लोन दिलाने के नाम पर उसका पेन कार्ड और आधार कार्ड ले लेते । फिर उसके मोबाइल में फोटो लेकर शातिर ठग अपनी टीम से आधार कार्ड पर पता बदल देते। उसके बाद इण्डिया बुल्स के लोगों से  मिलकर लोन पास करा लेते। लोन पास होते ही उपभोक्ता के मोबाइल से उस बैंक में खाता खोलते जो इण्डिया बुल्स से टाई अप हैं। इसी दौरान वो खाते में अपना मोबाइल नंबर डाल देते और जैसे ही लोन पास होता और इनको मोबाइल पर जानकारी मिलती ये यूपीआई की मदद से उसे अपने फर्जी एकाउंट में ट्रांसफर कर लेते। राज्य साइबर पुलिस ने बताया कि ठगों ने पूरे मध्यप्रदेश में अपना जाल फैला रखा है। पुलिस को संदेह है कि ठगी के इस धंधे में गिरोह के साथ कई बैंकों के कर्मचारी अधिकारी शामिल हो सकते हैं। राज्य साइबर सेल का दावा है कि  इंडिया बुल्स कंपनी के कुछ लोग भी इस ठगी में  शामिल हो सकते हैं । इन सभी की भूमिका की जाँच की जा रही है।  साइबर पुलिस गिरोह के सदस्यों की सक्रियता अन्य राज्यों में भी तलाश रही है उसे उम्मीद है कि गिरोह के अन्य सदस्य गिरफ्तार होने के बाद ठगी की अन्य कई वारदातों का खुलासा हो सकता है।