ग्वालियर । मध्यप्रदेश के पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव ने उज्जैन में गौरी पूजन के नाम पर खुद के ऊपर से गायों को निकलवाने की परंपरा का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि इस तरह की रुढ़िवादी परम्पराएं बंद होनी चाहिए। हम ऐसे जिलों के कलेक्टर्स को पत्र लिखकर इसे बंद करने के लिए निर्देशित करेंगे। उन्होंने कहा कि वे खुद इस मामले में मुख्यमंत्री से बात करेंगे। 

दरअसल दीपावली के दूसरे दिन उज्जैन के कुछ गांवों में गौरी पूजन की अनोखी परंपरा है । ग्रामीण सुबह जल्दी उठ जाते है और फिर एक मैदान में इकठ्ठा हो जाते है और आयोजन शुरू होते ही ज8न लोगों ने मन्नत मानी है वो जमीन पर उलटे लेट जाते हैं । उनके ऊपर से एक के बाद एक कई गाय उन्हें रौंदती हुई निकलती हैं। ये परंपरा यहाँ सदियों से चल रही है लेकिन अब इसका विरोध शुरू हो गया है और विरोध भी प्रदेश के पशुपालन मंत्री ने किया है। पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव ने ग्वालियर में पत्रकारों से कहा कि इस तरह की रुढ़िवादी परम्पराओं का मानना व्यक्तिगत रूप से विरोधी रहा हूँ। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा हमारा महत्वपूर्ण त्योहार है यह ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी सामूहिक रूप से मनाया जाता है इस त्यौहार को मनाना धार्मिक परंपरा के साथ गाय का सम्मान करना भी है । लेकिन परम्पराओं के नाम पर गायों को और खुद को कष्ट देने वाली परम्पराओं को बंद होना चाहिए। लाखन सिंह ने कहा कि सिर्फ उज्जैन ही नहीं त्यौहारों पर जानवरों को कष्ट देने से जुडी परम्पराएँ प्रदेश में कई जिलों में होती है। जिसे अब बंद होना चाहिए।  हमारी सरकार पशु क्रूरता के खिलाफ है। मंत्री ने कहा कि वे प्रदेश के सभी कलेक्टरों को इस तरह की कुप्रथाएं बंद करने के निर्देश देंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन करने वालों को पहले समझाइश देने  और जागरूक करने की जरूरत है यदि उसके बावजूद वे नहीं मानते तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।