माधव बाल निकेतन की वार्डन पर नाबालिग ने लगाये मारपीट के आरोप

-Minor-allegation-of-assault-on-Madhav-Bal-Niketan's-warden-

ग्वालियर ।  माधव बाल निकेतन में पांच दिन पहले आई एक नाबालिग बच्ची ने आरोप लगाया है कि माधव बाल निकेतन में उसके साथ मारपीट की जाती है। इस बात का खुलासा बच्ची ने जब किया जब वह आज निकेतन की एक महिला कर्मचारी के साथ मेडिकल के लिए जा रही थी और तभी उनका टेम्पो पलट  गया और उसने मदद की गुहार लगाते हुए अपने साथ होने वाली मारपीट की जानकारी दी। बच्ची की बात सुनने के बाद वहां से  गुजर रहे लोगो ने बच्ची और महिला कर्मचारी को पुलिस के हवाले कर दिया। लेकिन माधव बाल निकेतन के अधिकारी बच्ची के आरोपों को गलत बता रहे हैं। 

दरअसल माधव बाल निकेतन में पदस्थ शकुंतला परमार माधव बाल निकेतन में पांच दिन पहले चाइल्ड लाइन के द्वारा भेजी गई नाबालिग बच्ची का मेडिकल कराने के लिए आज दिन में मुरार अस्पताल ले जा रही थी। तभी उनका टेंपो गांधी रोड के पास अचानक पलट गया जिसमें शकुंतला परमार घायल हो गई और बच्ची को मामूली चोटे आई तभी वहां बच्ची वहां से गुजरने वाले लोगों से मदद की गुहार लगाते हुए अपने घर वापस जाने की बात बोलने लगी । लोगों ने बच्ची से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह बिहार की रहने वाली है और उसे माता पिता के घर वापस जाना है यहां महिला मुझे वापस नहीं जाने दे रही है और यह लोग मुझे निकेतन में मारते पीटते हैं जिस पर लोगों ने मामला संदेही होने पर बच्ची और महिला को जनकगंज थाना पहुंचा दिया। जहां माधव बाल निकेतन के महिला अधिकारी मंजू सिंह भी मौके पर पहुंच गई। माधव बाल निकेतन की अधिकारी का कहना था कि बच्ची के माता-पिता को सूचना दे दी है और वहां ग्वालियर आ चुके हैं। जिसके बाद कागजी कार्रवाई कर बच्ची को उसके के माता पिता के सुपुर्द किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्ची जो आरोप लगा रही है वह सरासर झूठ बोल रही है। फ़िलहाल पुलिस ने बच्ची को माधव बाल निकेतन के अधिकारियों के हवाले कर दिया है। 

गौरतलब है कि बिहार की रहने वाली एक नाबालिग बच्ची गलत ट्रेन में बैठकर ग्वालियर पहुँच गई थी । जिसके बाद पुलिस की मदद से चाइल्ड लाइन ने उसे माधव बाल निकेतन भेज दिया था तभी से वो यहाँ रह रही थी। उसके माता पिता ग्वालियर पहुँच गए है। उनकी मुलाकात बच्ची से हो गई है । सोमवार को कागजी कार्रवाई होने पर बच्ची को उन्हें सौंप 

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