विधायक के परिजनों ने कहा- हाईकोर्ट में झूठी याचिका दायर कर फैलाया जा रहा भ्रम

अतुल सक्सेना/ग्वालियर। मध्यप्रदेश में चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच ग्वालियर पूर्व विधायक मुन्ना लाल गोयल के लापता होने को लेकर हाईकोर्ट में दायर बन्दी प्रत्यक्षीकरण याचिका के खिलाफ विधायक के परिजन सामने आ गए हैं और उन्होंने इस याचिका को भ्रमित करने वाला बताया है।

गौरतलब है कि हाईकोर्ट के एडवोकेट उमेश बोहरे ने सोमवार को मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में मुन्ना लाल गोयल के लापता होने और उनकी जान को खतरा बताते हुए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की और कोर्ट से कहा कि विधायक गोयल की जान को खतरा है इसलिए उन्हें खोजा जाए और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए। मामला न्यूज़ चैनलों और सोशल मीडिया पर आने के बाद मुन्ना लाल गोयल के परिजन सामने आये है। एक वीडियो जारी कर विधायक के परिजनों ने इस याचिका को भ्रमित करने वाली बताते हुए से निरस्त करने की मांग की है। परिजनों ने कहा कि मुन्ना लाल जी जहाँ भी है सुरक्षित हैं, परिजनों को उनके बारे में पता है वे अपनी मर्जी से वहाँ रह रहे हैं उन्हें किसी ने बंधक नहीं बनाया है। परिजनों ने कहा कि मंगलवार को विधायक के पुत्र मयंक गोयल इस याचिका का खंडन न्यायालय में करेंगे।