अपनापन दिखाने लगे भितरघाती, चुनावों में रहे नदारद, अब बधाई देने पहुँच रहे

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ग्वालियर । विधानसभा चुनाव में उम्मीद से अधिक मिली सफलता की कांग्रेस को कल्पना भी नहीं थी । क्योंकि जिस तरह टिकट वितरण के बाद सामने आई नाराजी और उसके बाद जिस तरह से भितरघात की बात सुर्ख़ियों में रही थी उससे तो लग रहा था कि कांग्रेस को जिले में नुकसान हो जायेगा जबकि हुआ उलटा। कांग्रेस ने ग्वालियर जिले की 6 में से 5 सीटें जीत ली। अब वो कांग्रेसी जिनपर भितरघात करने  या पार्टी प्रत्याशी के लिए काम नहीं करने के आरोप लगे थे, जीते हुए प्रत्याशियों को बधाइयाँ दे रहे है इतना ही नहीं वो उनसे अपनापन भी दिखा रहे हैं

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिले की छहों सीटों से तमाम कांग्रेस नेताओं द्वारा टिकट के लिए बढ़-चढक़र दावेदारी जताई जा रही थी, जिनमें से कई नेताओं द्वारा टिकट नहीं मिलने पर पार्टी प्रत्याशी का खुलकर विरोध किया था। यही नहीं उन्होंने अपने समर्थकों तक को इन प्रत्याशियों के विरोध में माहौल बनाने तक का इशारा किया था। दरअसल इन नेताओं को उम्मीद थी कि ऐसा करके वे पार्टी प्रत्याशी को हरवाने में कामयाब हो जाएंगे, जिससे वह प्रत्याशी आगामी चुनाव में पुन: दावेदारी नहीं जता सकेंगे, लेकिन दुर्भाग्य से भितरघाती अपने उद्देश्य में कामयाब नहीं हो सके और अब जबकि उनके द्वारा विरोध करने वाले पार्टी प्रत्याशी जीत चुके हैं। ऐसे में इन भितरघातियों को अब डर सता रहा है कि कहीं यह जीते हुए नेता उनके लिए परेशानी का सबब न बन जाएं। यही कारण है कि अब वे उन्हें साधने के प्रयास में जुट गए हैं, जिसके चलते वे इन प्रत्याशियों के यहां पहुंचकर अपनापन जता रहे हैं। यही नहीं सबसे आश्चर्यजनक बात तो यह है कि ये भितरघाती अब इस बात का श्रेय लेने में भी पीछे नहीं हट रहे हैं कि उन सहित सभी के साझा प्रयासों से ही पार्टी प्रत्याशी जीते हैं।

भितरघाती कांग्रेसी पासा पलटते ही स्वयं का पार्टी का पुराना व कर्मठ कार्यकर्ता बताने के लिए न सिर्फ जीते हुए प्रत्याशियों के घर में घुसने का प्रयास कर रहे हैं बल्कि सोशल मीडिया पर बढ़-चढक़र विजयी प्रत्याशियों को बधाई देकर अपने द्वारा किए गए कृत्यों को ढंकने के प्रयास में जुट गए हैं। फेसबुक और वॉट्सएप पर ऐसे तमाम भितरघातियों के बधाई संदेशों की आई बाढ़ को सहजता से देखा जा सकता है।