अब आयुर्वेदिक परिषद ने बताया इंदौर के हमलावरों को “इंसानियत का दुश्मन”

ग्वालियर। अतुल सक्सेना।

इंदौर में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ किए गए दुर्व्यवहार का मामला तूल पकड़ गया है। हालांकि मुख्यमंत्री के आदेश पर इन दोषियों पर न केवल धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया है बल्कि उनके ऊपर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून भी लगा दिया गया है। हर स्तर पर इसका विरोध भी हो रहा है। अब विश्व आयुर्वेदिक परिषद की ग्वालियर इकाई ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।

परिषद के जिला अध्यक्ष डॉक्टर जाहिद उर्रहमान ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर तबलीग जमात द्वारा मरकज में हजारों लोगों को इकट्ठा कर इस महामारी को बढ़ाने का जो पाप किया जा रहा है ,उसकी निंदा की है और इंदौर में अल्पसंख्यक बस्ती में मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ पर किए गए हमले की भी कड़ी निंदा करते हुए मुख्यमंत्री से ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। जाहिद ने लिखा है कि ऐसे लोगों की कोई जाति या धर्म या मजहब नहीं होता बल्कि यह इंसानियत के दुश्मन है और ऐसे लोगों को छोड़ा नहीं जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि इंदौर की एक बस्ती में गए डॉक्टरों के स्टाफ के साथ न केवल मारपीट की गई थी बल्कि उन्हें बुरी तरह से वहां से भगा दिया गया था जिसके बाद अब प्रशासन कड़ी कार्यवाही कर रहा है।