21 साल पुराने डबल मर्डर के दो आरोपियों को उम्रकैद, कोर्ट ने सजा से पहले सुनाई चौपाई

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ग्वालियर । जिला न्यायालय ने 21 साल पुराने दोहरे हत्याकांड में दो आरोपियों हरेंद्र सिंह और राम अख्तियार सिंह को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है दोनों पर 20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है । खास बात यह है कि न्यायालय ने सजा सुनाने से पहले रामायण की चौपाई “कर्म प्रधान विश्व रुचि राखा,जो जस करहि सो तस फल चाखा” का उल्लेख किया। 

जानकारी के अनुसार 2 जनवरी 1998 को मुरार थाना क्षेत्र के बड़ा गांव में हैंडपंप से पानी भरने को लेकर दो पड़ोसी यादव परिवारों में खूनी संघर्ष हुआ था इसमें एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी इस हत्या के प्रतिशोध में पांच आरोपी हरेंद्र सिंह, राम अख्तियार सिंह,ज्ञान सिंह, चंदन सिंह और रणवीर सिंह ने घर में घुसकर महावीर सिंह और गिरेंद्र सिंह की लाठी,फरसा और अवैध हथियारों से गोली मारकर हत्या कर दी थी इस मामले में रणवीर सिंह को 2010 में सजा हो चुकी है जबकि चंदन सिंह को 2003 में आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया जा चुका है फिलहाल ज्ञान सिंह इस मामले में फरार बना हुआ है। अपर सत्र न्यायाधीश सचिन शर्मा ने मामले में सुनवाई करते हुए हरेन्द्र सिंह और राम अख्तियार सिंह को दोहरे हत्याकांड में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया। विशेष बात ये है कि न्यायालय ने सजा सुनाने से पहले रामायण की चौपाई “कर्म प्रधान विश्व रुचि राखा,जो जस करहि सो तस फल चाखा” का उल्लेख किया। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों ने जैसा जघन्य अपराध किया वे वैसा ही दंड पाने के अधिकारी हैं। ऐसे अपराधों के प्रति सहानुभूति का रुख न केवल दंड विधि अपितु आध्यात्मिक क्षेत्र में भी मान्य नहीं है।