प्याज के स्टॉक की लिमिट तय लेकिन कारोबारी नहीं रख रहे हिसाब, जारी होंगे नोटिस

ग्वालियर। प्याज की कीमतों में जबरदस्त उछाल के बीच जिला प्रशासन ने प्याज के कारोबारियों के लिए स्टॉक की लिमिट तय कर दी है लेकिन मैदानी अमले की लापरवाही के चलते आदेश हवा में उड़ गया है। दुकानदारों के पास कोई हिसाब नहीं है । पूरा कारोबार बिना लिखा पढ़ी के चल रहा है।

लोगों की जेब पर भारी पड़ती जा रही प्याज पर प्रशासन की नजर भले ही गड़ गई हो लेकिन लचर मैदानी अमले के कारण व्यापारियों की मौज है और कलेक्टर के आदेश की खुले आम धज्जियां उड़ा रहे हैं। कीमतों में बेतहाशा वृद्धि और इसके सैकड़े के आसपास पहुंचने के भय के बाद जिला प्रशासन ने जब मालूम किया तो स्टॉक करने वालों की कहानी। सामने आई उसके बाद कलेक्टर ने प्याज कारोबारियों के लिए स्टॉक लिमिट तय कर दी। लिमिट के हिसब से थोक कारोबारी 500 क्विंटल और फुटकर कारोबारी 100 क्विंटल से ज्यादा स्टॉक नहीं कर सकेगा और इसकी निगरानी खाद्य विभाग का मैदानी अमला करेगा। लेकिन आदेश का कोई असर नहीं हुआ और जब कलेक्टर के पास शिकायत पहुंची तो खाद्य विभाग का अमला शहर की विभिन्न मंडियों में पहुंचा। जब टीम ने बिरलानगर, हजीरा और  थोक सब्जी मंडी लक्ष्मीगंज में निरीक्षण किया तो वहां प्याज के कारोबारियों के पास कोई बिल नहीं मिले, टीम के सदस्यों ने इस पर नाराजगी जताई और सात कारोबारियों के खिलाफ कालाबाजारी नियंत्रण आदेश 1980 के तहत नोटिस जारी करने के लिए कहा। टीम के सदस्यों ने हिदायत दी कि वो बिल अवश्य लें साथ ही अपनी दुकान पर प्याज की भाव सूची जरूर लगायें ।