कोरोना पर पेहरा: MP के इस जिले में आज से टोटल लॉक डाउन, सीमा सील

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

शहर में लगातार बढ़ते कोरोना पॉजिटिव मरीजों को देखते हुए जिला प्रशासन सख्ती के मूड में आ गया है। प्रशासन ने जिला क्राईसिस मैनेजमेंट की बैठक में लिए गए सात दिन के टोटल लॉक डाउन(कर्फ्यू) के आदेश रात को जारी कर दिये। हालांकि टोटल लॉक डाउन की घोषणा के तरीके का व्यापारी संगठनों ने विरोध किया है।

जिला प्रशासन ने सोमवार देर रात 14 जुलाई मंगलवार शाम 7 बजे से एक हफ्ते तक कर्फ्यू की तर्ज पर टोटल लॉक डाउन लागू रहने के आदेश जारी किये हैं। जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखकर जिला प्रशासन ने इस आशय का निर्णय लिया है। गौर तलब है कि सोमवार शाम हुई डिस्ट्रिक क्राइसेस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में एक हफ्ते का लॉक डाउन लागू करने पर सहमति बनी थी। जिसका प्रस्ताव प्रशासन ने शासन को भेजा था । कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि एक हफ्ते के लॉक डाउन के दौरान ग्वालियर शहर में किसी भी प्रकार के सामाजिक, धार्मिक एवं राजनैतिक समारोह आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। कहीं भी भीड़ पाए जाने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। लॉक डाउन के दौरान जिले की सभी सीमाएं पूरी तरह सील रहेंगी। सीमा पर बने नाकों पर कड़ी निगरानी रहेगी। जिले के भीतर किसी को भी प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी और न ही किसी को जिले से बाहर जाने दिया जाएगा। केवल आपातकालीन मेडिकल जरूरत होने पर ही जिले से बाहर और भीतर आने-जाने की अनुमति दी जाएगी।

आदेश जारी करने के तरीके पर व्यापारी संगठनों का विरोध

ग्वालियर में मंगलवार शाम से लागू किये गए एक सप्ताह के टोटल लॉक डाउन की घोषणा के तरीके पर मप्र चैंबर ऑफ कॉमर्स के मानसेवी सचिव डॉ प्रवीण अग्रवाल सर सवाल उठाये हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए बैठक में आम सहमति बनी थी लेकिन ये भी तय हुआ था कि सात दिन का टोटल लॉक डाउन लागू करने की घोषणा शहर के लोगों को चार दिन पहले दी जायेगी जिससे शहर के लोग आवश्यकता की वस्तुओं का इंतजाम कर लें और बाजार में भीड़ ना बढे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। फैसला होने के बाद कुछ घंटों में ही इसे लागू करने की घोषणा कर दी गई वे व्यवहारिक नहीं है। डॉ अग्रवाल ने आशंका जताई है कि इससे मंगलवार को बाजार में भीड़ का दबाव बढ़ेगा और कालाबाजारी भी होगी। उधर समझा जा रहा है कि रविवार को सामने आये 111 पॉजिटिव मरीजों के बाद प्रशासन ने क्राईसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक की और प्रस्ताव शासन के पास भेजा लेकिन सोमवार रात जैसे ही 191 पॉजिटिव मरीज सामने आये प्रशासन के हाथ पैर फूल गए और उसने सात दिन के लॉक डाउन के आदेश को तुरंत लागू कर दिया