इनामी आरोपी की जगह निर्दोष को पकड़ा, फोटो खिंचवाई, थाना प्रभारी सस्पेंड

ग्वालियर, अतुल सक्सेना
नये पुलिस अधीक्षक के आने के बाद वारंटियों और फरार इनामी आरोपियों की धरपकड़ में तेजी आई है लेकिन इसी तेजी में बहोड़ापुर पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। थाना प्रभारी ने एक निर्दोष को पकड़कर इनामी आरोपी बता दिया, फोटो खिंचवाई और प्रेसनोट भी जारी कर दिया। मामला जब एसपी के पास पहुंचा तो उन्होंने जांच के बाद दोषी थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया।

जानकारी के अनुसार बहोड़ापुर थाना प्रभारी दिनेश राजपूत को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गोले का मंदिर थाने का धोखाधड़ी के मामले में पांच हजार का इनामी फरार आरोपी पेट्रोल पंप के पास देखा गया है। थाना प्रभारी ने तत्काल फोर्स लिया और आरोपी अरुण शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी ने स्टाफ के साथ इसके फोटो खिंचवाये और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिये। गिरफ्तारी की सूचना जब अरुण के परिजनों को दी गई तो उसने थाने पहुँचकर कहा कि अरुण ना आरोपी है ना इनामी आपने गलत व्यक्ति को पकड़ लिया। लेकिन बहोड़ापुर थाना प्रभारी दिनेश राजपूत ने उसकी नहीं सुनी और अरुण को हवालात में बंद कर दिया।

अपने भाई के साथ अन्याय होता देख अरुण का भाई एसपी अमित सांघी के पास पहुंचा उसने घटना की जानकारी दी। एसपी ने तत्काल एक्शन लेते हैं एडिशनल एसपी पंकज पांडे को जांच के निर्देश दिये जिसमें बहोड़ापुर पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई। पुलिस ने जिस अरुण को पकड़ा था वो गोले के मंदिर थाने का फरार पांच हजार का इनामी अरुण नहीं था। एडिशनल एसपी ने एसपी को रिपोर्ट सौंपी जिसमें थाना प्रभारी की लापरवाही सामने आ गई जिसके बाद एसपी अमित सांघी ने तत्काल एक्शन लेते हुए थाना प्रभारी दिनेश राजपूत को सस्पेंड कर दिया।

एसपी ने अपने आदेश में लिखा कि बिना तस्दीक किये और गोले का मंदिर थाने के जांच अधिकारी से बात किये बिना बहोड़ापुर थाना प्रभारी दिनेश राजपूत ने एक निर्दोष व्यक्ति को इनामी के रूप में गिरफ्तार किया इतना ही नहीं उसके साथ फोटो खिंचवाई, आईटी सेल से उसका प्रेस नोट जारी करवाया। ये घोर लापरवाही है इससे पुलिस की छवि धूमिल हुई है। इसलिए थाना प्रभारी बहोड़ापुर दिनेश राजपूत को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है और उन्हें लाइन अटैच किया जाता है।