पुलिस ने सात दिन बाद मासूम का शव कब्र से निकाला, यह है मामला

 ग्वालियर । शहर के प्रतिष्ठित निजी अस्पताल के डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही से हुई ढाई साल की मौत के आरोपों के बावजूद पुलिस ने बच्ची के पिता की कोई मदद नहीं की। लेकिन अब आईजी के हस्तक्षेप के बाद ढाई महीने की बच्ची का शव शमशान से बाहर निकाला गया हैं और उसका पोस्ट मार्टम कराया जायेगा। बच्ची की मौत 26 अक्टूबर को किलकारी अस्पताल में हुई थी। 

बीती 26 अक्टूबर को शहर के प्रतिष्ठित चाइल्ड हॉस्पिटल किलकारी अस्पताल में ढाई माह की बच्ची भूमि को उसके पिता मुकेश कुशवाह इलाज के लिये लेकर आए थे ।बच्ची को मामूली बुखार और पेट दर्द था। यहाँ डॉ राहुल सप्रा ने उसे भर्ती कर लिया। मुकेश का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही की और जब उनकी बच्ची की सांसें थम गई तो सरकारी अस्पताल भेज दिया। मुकेश और उसकी पत्नी ने अस्पताल के बाहर धरना भी दिया लेकिन पुलिस ने उस दिन सुनवाई नहीं की। अगले। दिन 27 अक्टूबर को पति पत्नी ने आईजी राजाबाबू सिंह के बंगले के बाहर धरना दिया आईजी ने टीआई को जांच के आदेश दिए तब कहीं जाकर जनकगंज थाना पुलिस हरकत में आई। और फिर गुरुवार को मर्ग कायम हुआ। उसके बाद कार्यपालिक मजिस्ट्रेट रघुनन्दन तिवारी की मौजूदगी में शुक्रवार को बच्ची का शव चार शहर का नाका स्थित श्मशान से निकाला गया। तीन डॉक्टर्स के पैनल ने शव का पोस्ट मार्टम किया। बच्ची का शव देखकर माता पिता बिलख उठे । पिता मुकेश ने कहा कि अब उसे न्याय की उम्मीद जागी है । मुकेश का आरोप है कि पहले उसे 10 हजार रुपए लेकर डॉक्टर ने चुपचाप चले जाने की चेतावनी दी लेकिन जब हम नहीं गए तो एक कांग्रेस विधायक को बुलाकर पैसा देने की कोशिश की गई। । मुकेश ने कहा कि वो अपनी बच्ची को न्याय दिलाकर रहेगा और इलाज में लापरवाही करने वाले डॉक्टर्स को सजा दिलाकर रहेगा।

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