अस्पताल के बाद अब ROB पर विवाद, भाजपा कांग्रेस आमने-सामने 

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ग्वालियर। जयारोग्य चिकित्सालय समूह के निर्माणाधीन एक हजार बिस्तरों के अस्पताल का भूमिपूजन हो जाने के बाद दोबारा पांच मार्च को ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा भूमिपूजन कराने के मामले में जहां भाजपा ने विरोध जताना शुरू कर दिया है, वहीं अब एक और नया विवाद सामने आया है। जिसमें पांच मार्च को ही आधे अधूरे बने मानसिंह ओवरब्रिज का उद्घाटन भी सिंधिया से कराने की तैयारी कर ली गई है। इस तरह एक घण्टे के दौरान दो स्थानों पर उद्घाटन और शिलान्यास किए जाना हैं, जिसका भाजपा विरोध कर रही है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में टकराव की स्थिति बन गई है। 

सिंधिया द्वारा किये जाने वाले भूमिपूजन और उद्घाटन का विरोध करने की जिम्मेदारी भाजपा के मुरैना श्योपुर सांसद अनूप मिश्रा के जिम्मे है.  जिसके चलते वे अभी से कार्यकर्ताओं की टोलियों को तैयार कर रहे हैं , किसी भी जिससे कीमत पर दोनों कार्यक्रम के उद्घाटनों को रोका जा सकें। तो वहीं कांग्रेस भी रणनीति बनाये बैठी है, वो भी किसी भी कीमत पर दोनों स्थानों के कार्यक्रम को पूरा करने की कसम खा रही है। दरअसल एक हजार बिस्तर वाले अस्पताल के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री अनूप मिश्रा ने 2009 में भूमिपूजन किया था। चूंकि प्रदेश में अब कांग्रेस सत्ता में है और लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने वाली है। इसे देखते हुए सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया अस्पताल के भूमिपूजन और मानसिंह ओवरब्रिज के उद्घाटन का जल्दबाजी में पांच मार्च को कार्यक्रम भी बना लिया गया है। अस्पताल के मामले में सांसद अनूप मिश्रा एवं महापौर विवेक शेजवलकर सहित अन्य भाजपा नेता बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर विरोध और सड़कों पर निकलने की बात कह चुके हैं। इसी बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया का ग्वालियर आगमन का विधिवत कार्यक्रम जारी किया गया है, जिसमें पांच मार्च को सुबह शताब्दी से आगमन के बाद 9:45  बजे मानसिंह ओवरब्रिज का उद्घाटन भी शामिल है। इसके बाद वे एक हजार बिस्तरों के अस्पताल के लिए 10:45 बजे भूमिपूजन करेंगे । इन दोनों कार्यक्रमों के कारण शहर की राजनीति अचानक गर्मा गई है।  ऐसे में कल का दिन यानि मंगलवार को दोनों  ही दल के नेता आमने समाने हो सकते है। पूरे मामले पर सांसद अनूप मिश्रा का कहना है कि सिंधिया जी को सोचना चाहिए कि किसी भी शिलान्यास या भूमिपूजन वाली जगह का दूसरा पूजन नहीं  होता है, लेकिन अब वो कर रहे हैं जिसका हम सड़कों पर खुलकर विरोध करेंगे और किसी भी कीमत पर उद्घाटन नहीं होने देगें। वहीँ कंग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आरपी सिंह कहते  चूँकि कांग्रेस के समय में अस्पताल को हरी झंड़ी मिली है, इसलिए उस पर हक हमारा है औऱ हम भूमिपूजन करेगें। यहाँ बताना जरुरी है कि एक  बिस्तर के अस्पताल की मांग बहुत पुरानी है और इसके लिए दोनों  ही सरकारों ने प्रयास किये हैं लेकिन मानसिंह ओवरब्रिज केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के प्रयासों से मिला है और उनके लगातार निरीक्षण के बाद अब ये पूरा होने जा रहा है।  अब देखना ये है कि श्रेय लेने वाली राजनीति कल क्या गुल खिलाती है।