पं. विद्याधर व्यास राष्ट्रीय तानसेन अलंकरण से सम्मानित, कहा मेरा सपना आज पूरा हुआ

ग्वालियर। भारतीय शास्त्रीय संगीत का शिखर सम्मान “तानसेन अलंकरण” ग्वालियर घराने के मूर्धन्य गायक मुंबई के पंडित विद्याधर व्यास को दिया गया। प्रदेश की संस्कृति मंत्री डॉ विजय लक्ष्मी साधौ ने आज संगीत सम्राट तानसेन की समाधि  पर आयोजित गरिमामय समारोह में उन्हें ये सम्मान प्रदान किया। अलंकरण प्राप्त करने के बाद पंडित व्यास ने कहा कि संगीत से जुड़े हर कलाकार का एक सपना होता है कि वो अपने जीवन में  कम से कम एक बात इस पवित्र भूमि पर जरूर हाजिरी लगाए और आज मेरा ये सपना पूरा हुआ। उन्होंने कहा कि ये पल मेरे जीवन का गौरवशाली पल है।  युवाओं में शास्त्रीय संगीत के प्रति कम होते लगाव के सवाल पर उन्होंने कहा कि शास्त्रीय संगीत कोई फ़ास्ट फूड नहीं हैं ये एक परंपरा है जिसकी जड़ें मजबूत हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि हमारा शास्त्रीय संगीत और भी प्रसिद्द होगा। ग्वालियर घराने को ख्याल गायकी का पितृ घराना बताते हुए पंडित व्यास ने कहा कि यहाँ ख्याल और ध्रुपद की जड़ें पक्की है और यही घराना है जो इसकी सही सेवा कर रहा है।

समारोह की मुख्य अतिथि संस्कृति मंत्री डॉ विजय लक्ष्मी साधौ ने समारोह में शामिल होने और इतने बड़े कलाकार को सम्मानित करने पर खुद को गौरवान्वित बताया। उन्होंने कहा कि ग्वालियर संगीत की नगरी है यहाँ हर कोई एक बार अवश्य आना चाहता है।

नहीं पहुंचे सिंधिया और प्रदेश सरकार के कई मंत्री 

पांच दिवसीय तानसेन समारोह के शुभारम्भ के लिए कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश के मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, इमरती देवी, लाखन सिंह, प्रभारी मंत्री उमंग सिंघार, विधायक प्रवीण पाठक, मुन्नालाल गोयल, भारत सिंह कुशवाह को भी आमंत्रित किया गया था लेकिन इनमें से कोई भी शामिल नहीं हुआ। आयोजक इसका कोई वाजिब कारण नहीं बता पाए। इतना कहा कि कल भोपाल में कैबिनेट बैठक है इसलिए मंत्री नहीं पहुँच पाए। कार्यक्रम में संभाग आयुक्त एमबी ओझा और कलेक्टर अनुराग चौधरी सहित संस्कृति विभाग के अधिकारी मौजूद थे।