एक साथ निकलीं 7 अर्थियां, जिसने भी देखा अपने आंसू नहीं रोक पाया

ग्वालियर। अतुल सक्सेना| Gwalior News शहर के बड़े पेंट कारोबारी गोयल परिवार के यहाँ सोमवार का दिन काल बनकर आया और कुछ ही देर में हँसते खेलते परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा। अचानक हुए अग्निकांड ने इस परिवार से इसकी खुशियाँ ही छीन ली। परिवार ने अपनी आँखों के सामने अपनों को खो दिया। अग्निकांड में सात लोगों की मौत हो गई। जिनकी अर्थी एक साथ घर के नीचे से निकली। ये दिल दहला देने वाला दृश्य जिसने भी देखा वो अपने आँसू नहीं रोक पाया।

इंदरगंज चौराहे के पास रोशनी घर रोड पर रहने वाला गोयल परिवार शहर का बड़ा पेंट कारोबारी है। इनकी दुर्गादास एंड संस, रंगवाला हाउस, और गोयल पेंट हाउस के नाम से दुकाने हैं। जानकारी के मुताबिक हरिमोहन, जगमोहन, लल्ला उर्फ लालू तीनों भाई की फैमिली तीन मंजिला मकान में एक साथ रहती है। परिवार में कुल 16 सदस्य थे जो हंसी खुशी साथ रहते थे। घर के निचले हिस्से में गोयल पेंट हाउस के नाम एक पेंट की दुकान भी है जिसमें सोमवार को भीषण आग लग गई। करीब साढ़े दस बजे जब दुकान से आग की लपटें दिखाई दी आग बिजली के मीटर में शॉर्ट सर्किट से लगने की आशंका हुई तो मेन चाबी गिराई गई। लालू गोयल और अन्य लोगों ने दौड़कर आग बुझाने का प्रयास किया। पड़ोसी भी दौड़े, फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई लेकिन जब तक फायर ब्रिगेड आई तब तक आग तांडव कर चुकी थी। तीन मंजिला मकान में 11 जिंदगियाँ फंस गई जिन्हें निकालने का प्रयास किया गया। सुरक्षा कर्मियों और पड़ोसियों ने 11 में से चार को बचा लिया गया लेकिन सात लोगों को नहीं बचा पाए। आग की तेज लपटों और धुयें ने उनकी जान ले ली। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे बुझाने में 16 फायर ब्रिगेड ने मशक्कत की। फ़ोम टेंडर को भी बुलाना पड़ा। बहुत मशक्कत के बाद मकान को तोड़कर मृतकों के शव बाहर निकाले गए । एक एक कर एंबुलेंस आती गई और मृतकों को अस्पताल ले जाती गई। लोगों को इस उम्मीद थी कि शायद कोई बच जाए लेकिन होनी को ये मंजूर नहीं था और डॉक्टर ने सभी सातों को मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद पीएम की औपचारिकता के बाद शव परिवार को सौंप दिये गए।

एक साथ निकली साथ अर्थी, मचा कोहराम

शवों के पीएम के बाद सातों शव घर पहुंचे। घर पहुँचते ही मोहल्ले में कोहराम मच गया। सात अर्थी एक साथ एक घर से निकलती जिसने भी देखी वो ठिठक गया। रोशनी घर से लक्ष्मीगंज श्मशान तक पूरे बाजार में जिसने भी ये दृश्य देखा वो अंदर तक हिल गया। सभी के मुँह पर सिर्फ बात थी कि हे भगवान ऐसा दिन किसी और को नहीं दिखाना। भीषण अग्निकांड में तीन मासूम आराध्या पुत्री सुमित गोयल उम्र 4 साल, आर्यन पुत्र साकेत गोयल उम्र 10 साल, शुभी पुत्री श्याम गोयल उम्र 13 साल सहित आरती पत्नी श्याम गोयल उम्र 37 साल, शकुंतला पत्नी जय किशन गोयल उम्र 60 साल, प्रियंका पत्नी साकेत गोयल उम्र 33 साल और मधु पत्नी हरिओम गोयल उम्र 55 साल की मौत हो गई।