नया खतरा: कोरोना, डेंगू के बीच चिकनगुनिया का साया, पहला मरीज आया सामने

तीन साल पहले शहर में चिकनगुनिया के 300 से अधिक मरीज सामने आये थे। इसके बाद से चिकनगुनिया का एक भी मरीज अब तक सामने नहीं आया था।बता दें कि कोरोना की तरह ही चिकनगुनिया की भी अभी तक न कोई दवा बनी और न ही वैक्सीन।

चिकनगुनिया

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। कोरोना संक्रमण(corona virus) की मार झेल रहे शहर के लोगों के सामने अब एक और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है, ये है चिकनगुनिया (Chikungunya)। शहर के मोती झील क्षेत्र में रहने वाले एक मरीज में चिकनगुनिया वायरस होने की पुष्टि हुई गई। मरीज को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकनगुनिया का मरीज सामने आने के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई है क्योंकि कोरोना महामारी के बीच शहर के लोग कुछ दिनों से डेंगू (dengue) की मार से परेशान थे अब ये चिकनगुनिया नई चुनौती बनकर सामने आया है। गौरतलब है कि चिकनगुनिया वायरस की भी वैक्सीन (vaccine)अभी तक नहीं बनी है।

कोरोना का दंश झेल रहे शहरवासियों पर अब चिकनगुनिया का खतरा मंडराने लगा है। शनिवार को इसका पहला मरीज (first patient)सामने आया है। जानकारी के मुताबिक मोतीझील क्षेत्र स्थित कृष्णा नगर में रहने वाले 25 वर्षीय नीरज की रिपोर्ट में चिकिनगुनिया वायरस का पता चला है। परिजनों ने नीरज को जयारोग्य अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया है। गौरतलब है कि तीन साल पहले शहर में चिकनगुनिया के 300 से अधिक मरीज सामने आये थे। इसके बाद से चिकनगुनिया का एक भी मरीज अब तक सामने नहीं आया था। यहाँ बता दे कि शहर के लोग कोरोना का ख़तरा करीब नौ महीने से झेल रहे हैं। इसी बीच डेंगू ने शहर में दस्तक दी और अब तक सात डेंगू मरीज सामने आ चुके हैं। और अब ये चिकनगुनिया । कोरोना महामारी के बीच अब डेंगू-चिकनगुनिया के मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की चिंता बढ़ा दी है। बता दें कि कोरोना की तरह ही चिकनगुनिया की भी अभी तक न कोई दवा बनी और न ही वैक्सीन।

शहर में अभी तक डेंगू के करीब सात मामले प्रकाश में आ चुके हैं। वहीं मलेरिया(malaria) के अब तक 47 मरीज शहर में मिल चुके हैं। मलेरिया विभाग के अनुसार वर्ष 2016-17 में चिकनगुनिया का पहला मामला आया था। शहर में करीब 300 मरीज इसके शिकार पाए गए थे। हालांकि इसके बाद से शहर में कोई मरीज सामने नहीं आया था। अब चिकनगुनिया की दस्तक ने खतरा और बढ़ा दिया है। यह रोग मनुष्य में एडीज मच्छर के काटने से होता है। इसमें मरीज के शरीर में हड्डी के जोड़ों में 2 से 5 दिन तक तेज दर्द होता है। इसके बाद हल्का दर्द लंबे समय तक रहता है। मलेरिया विभाग का दावा है कि अभी तक करीब 13067 घरों में मलेरिया विभाग की टीम डेंगू का लार्वा नष्ट कर चुकी है। साथ ही गली-मोहल्लों के साथ अस्पताल, हॉस्टल और सरकारी प्रतिष्ठानों पर भी लगातार दवा व फोगिंग करवाई जा रही है। जिला मलेरिया अधिकारी मनोज पाटीदार ने शहर के लोगों से अपील की है कि विभाग और प्रशासन अपनी तरफ से बचाव के पूरे प्रयास कर रहा है लेकिन सभी को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।

 

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