झांसी से आई शहीद ज्योति, वीरांगना के बलिदान की पूर्व संध्या पर दीपों से जगमगाया शहर

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। अंग्रेजों से लोहा लेकर उन्हें धूल चटाने वाली प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की महानायिका वीरांगना लक्ष्मीबाई की शहादत की 163वीं वर्षगांठ पर ग्वालियर में दो दिवसीय वीरांगना बलिदान मेले की शुरुआत 17 जून गुरुवार को वीरांगना की समाधि पर शहीद ज्योति की स्थापना के साथ हुई। खास बात ये है कि जब रानी की समाधि पर ज्योति स्थापित की जा रही थी तब शहर के चौराहों तिराहों पर दीप जलाये जा रहे थे और शहर जगमगा रहा था साथ ही राष्ट्रभक्ति के गीत बज रहे थे।

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झांसी से आई शहीद ज्योति, वीरांगना के बलिदान की पूर्व संध्या पर दीपों से जगमगाया शहर

झांसी किले से बुंदेली युवाओं द्वारा लायी गयी शहीद ज्योति को बलिदान मेले के संस्थापक अध्यक्ष व पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर और भाजपा जिला अध्यक्ष कमल माखीजानी ने गुरुवार शाम पड़ाव चौराहे पर ज्योति की अगवानी की। अश्वरोही झाँकियों के साथ 20 गणमान्य लोग रानी लक्ष्मीबाई की समाधि पहुंचे व जयभान सिंह पवैया व विवेक शेजवलकर ने शहीद ज्योति स्थापित की ।

शहीदों की याद में रोशन हुआ शहर, बजे देशभक्ति के गीत

शहीद ज्योति की स्थापना के समय रानी लक्ष्मीबाई की समाधि रोशनी से जगमग हो रही थी तो वहीं ग्वालियर शहर के 71 चौराहे, तिराहे और प्रमुख चिंहित स्थानों पर एक साथ रानी के चित्र के सामने 21 दीपों की दीप माला सजाकर शहीदों की याद में दीपोत्सव मनाया जा रहा था। । विशेष बात ये भी है कि सभी 71 स्थानों पर एक साथ राष्ट्रगीत का गायन भी हुआ। 20-20 की सीमित संख्या में लश्कर, ग्वालियर और मुरार में पुष्पांजलि भी हुई।

झांसी से आई शहीद ज्योति, वीरांगना के बलिदान की पूर्व संध्या पर दीपों से जगमगाया शहर

163 साल पुरानी समृतियाँ जीवंत हो गयी

बलिदान मेले के संस्थापक पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया ने इस मौके पर कहा कि हर साल ग्वालियर के लोग रानी की ज्योति के लिए फूल बिछाते हैं ये 22 वा साल है। आज जब शहीद ज्योति आयी और 71 जगह शहीदों की याद में दीप जले तो ऐसा लगा कि बलिदानी उत्सव में 163 साल पुरानी स्मृतियाँ जीवंत हो उठी। उन्होंने बताया कि

रानी की दी जायेगी पुष्पांजलि, 7 महिलाओं का होगा सम्मान

पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया ने बताया कि समाधि के सामने कल शुक्रवार 18 जून को सुबह 8 बजे रानी को पुष्पांजलि दी जायेगी उसके बाद श्रद्धांजलि स्वरूप भजनांजलि होगी। इस अवसर पर पूर्व राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर 7 मातृषक्तियों को कोरोना योद्धा सम्मान दिया जायेगा । जिन्होंने जब हम घर पर बैठे थे तब अपनी जान जोखिम में डालकर समाज सेवा की। इस अवसर पर डाॅ. नीलिमा टंडन, डाॅ. नीलिमा सिंह, डाॅ. अर्चना कंसल, आईपीएस हितिका वासल , नर्स टिंटू कूँचेरिया, स्वच्छताकर्मी श्रीमती चंपा व श्रीमती किरण को वीरांगना के नाम नारी शक्ति सम्मान भेंट किया जाएगा। श्रद्धांजलि स्थल पर महंत रामदास जी दंदरौआ सरकार सहित प्रमुख सामाजिक व राष्ट्रवादी संगठनों के 20 गणमान्य बैठेंगे तथा समाधि पर श्रद्धासुमन कोविड मर्यादा के अनुसार अर्पित करेंगे । वहीं 18 जून को रात 8:25 बजे फेसबुक पर लाइव वर्चुअल कवि सम्मेलन होगा जिसमें ओजस्वी कवि विनीत चौहान व शशिकांत यादव काव्य पाठ करेंगे।